नई दिल्ली [राहुल चौहान]। एक मृत महिला के परिजनों ने अंगदान कर चार लोगों को जीवनदान दिया है। दरअसल ब्रेन हैमरेज से पीड़ित एक 43 वर्षीय महिला की सर गंगाराम अस्पताल में मौत हो गई थी। डाक्टरों ने बताया कि महिला नाॅन कोविड मरीज थी और उच्च रक्तचाप से ग्रस्त थी। उसे अचानक उल्टी और तेज सिरदर्द हुआ। इसके चलते उसे 20 मई को सर गंगाराम अस्पताल के में भर्ती किया गया।

जांच में पता चला कि उसे गंभीर ब्रेन हैमरेज हुआ था। महिला ब्रेन डैड थी इसलिए काफी कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। महिला अपने पीछे एक 21 वर्षीय बेटे और पति को छोड़ गई है। डाक्टरों ने स्वजनों को सलाह दी कि अगर वे चाहें तो महिला के अंगदान कर अन्य कई जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे सकते हैं जो वर्षों से किडनी, लिवर आदि का इंतजार करते हुए जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। परामर्श के बाद परिवार अंगदान के लिए तैयार हो गया।

इसके बाद लिवर प्रत्यारोपण के वरिष्ठ डाक्टर नैमिश एन मेहता के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम ने अंगों को निकाला। फिर एक 58 वर्षीय मरीज में लिवर प्रत्यारोपण किया गया। वह व्यक्ति दो साल से अधिक समय से लिवर मिलने का इंतजार कर रहा था। बाकी अंग दो गुर्दे और हृदय थे।

गंगाराम अस्पताल में ही एक किडनी दूसरे मरीज में प्रत्यारोपित की गई। बाकी अंगों को एनसीआर के अन्य अस्पतालों में भेज दिया गया। डाक्टर मेहता ने बताया कि कोरोना संकट के कारण देशभर में अंगदान में कमी आई है। अकेले गंगाराम अस्पताल में ही 179 मरीज लिवर और 484 मरीज किडनी प्रत्यारोपण के इंतजार में हैं। उन्होंने बताया कि भारत में अंगदान दर प्रति मिलियन जनसंख्या पर 0.65 से एक फीसद के बीच है, जबकि स्पेन में यह 35 और यूएसए में 26 प्रति मिलियन तक है।

Edited By: Prateek Kumar