विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'आपके बच्चों की मौत हो गई है' एक के बाद एक घरों में बजे फोन, चार युवकों की गई जान; परिवार में मचा कोहराम

Published: Tue, 01 Oct 2024 01:08 PM (IST)Updated: Tue, 01 Oct 2024 01:13 PM (IST)

Delhi Crime News दिल्ली में रविवार देर रात न्यू कोंडली ए ब्लॉक में मातम पसर गया। कारण था अलग-अलग परिवार ...और पढ़ें

Delhi Crime: न्यू कोंडली में विशाल के घर पर विलाप करते उनके स्वजन। फोटो पारस कुमार
Delhi Crime: न्यू कोंडली में विशाल के घर पर विलाप करते उनके स्वजन। फोटो पारस कुमार

HighLights

  1. चार दोस्तों की एकसाथ मौत ने कोंडली के लोगों को झकझोर दिया।
  2. कुछ ही माह पहले हिमांशु ने शुरू की थी नौकरी, परिवार में इकलौता बेटा था।

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। रविवार देर रात न्यू कोंडली ए ब्लॉक में मातम पसर गया। एक के बाद एक पांच घरों में फोन बजने लगे कि आपके बच्चे सड़क हादसे (Noida Road Accident) में गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके आधे घंटे के बाद फिर से चार घरों में फोन आया कि उनके बच्चों की मौत हो गई।

यह सूचना मिलते ही परिवार बिलखने लगा। पड़ोसियों की नींद टूट गई। मृतकों के घर के बाहर लोग जमा हो गए। एकसाथ चार दोस्तों की मौत ने परिवार के साथ ही स्थानीय लोगों को झकझोर दिया। यह वह दोस्त थे, जो हर खुशी व गम को एक दूसरे से साझा करते थे।

कुछ समय पहले हिमांशु की लगी थी नौकरी

हिमांशु मूलरूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के रहने वाले थे। वह अपने परिवार के साथ कोंडली में रह रहे थे। परिवार में पिता हरीश, मां सावित्री हैं। हिमांशु दंपती के इकलौते बेटे थे। हरीश ने बताया कि कुछ माह पहले ही हिमांशु की नोएडा की एक निजी कंपनी में नौकरी लगी थी। परिवार काफी खुश था।

15 अक्टूबर को उनके बेटे का जन्मदिन था। रविवार रात 11 बजे तक हिमांशु घर पर थे। उन्होंने अपने घर पर कहा कि वह कार लेकर अपने दोस्तों के साथ जा रहा हैं। कुछ ही देर में वापस आ जाएंगे। कहां जा रहा है यह बताकर नहीं गए।

बेटे के मौत की खबर सुन मां बार-बार हुई बेहोश

रात दो बजे हिमांशु के एक दोस्त का फोन स्वजन के पास आया कार को ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी है, हिमांशु कार चला रहे थे। हिमांशु व उनके तीन दोस्त गंभीर रूप से घायल हैं। हिमांशु की मां बेटे की मौत की खबर से बेसुध हो गई, वह कई बार बेहोश हुईं। जिस बेटे को उन्होंने नाजों से पाला, वह इस दुनिया से चला गया।

मनीष मूलरूप से रुद्रप्रयाग के रहने वाले थे। उनके परिवार में पिता किशन सिंह, मां सलोचना व तीन बहने हैं। मनीष नौकरी नहीं करते थे। उनकी बहन पूनम ने कहा कि उनके भाई ही था जो परिवार का ख्याल रखते थे। वह नौकरी की तलाश कर रहे थे।

विशाल और मोहित रहते थे किराये पर

विशाल और मोहित का घर बराबर बराबर में है, दोनों किराये पर रहते थे। मोहित की परिवार में पिता राजकुमार व एक छोटा भाई मनोज है। विशाल की शादी नहीं हुई थी।

परिवार के सदस्य शादी के लिए लड़की की तलाश कर रहे थे। मोहित के परिवार में पिता राजकुमार, मां और पांच बहन हैं। वह अपने घर में सबसे छोटे थे। मोहित ही घर का एक सहारा थे। उनके पिता बुजुर्ग है और उन्हें कान से सुनाई कम देता है।

यह भी पढ़ें: Delhi Suicide Case: आज होगा शवों का पोस्टमार्टम, परिजनों ने बताया कब हुई थी आखिरी मुलाकात? वसंत कुंज सुसाइड मामला