नई दिल्ली (जेएनएन)। राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के आरोपी सुरेश कलमाड़ी को भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की सालाना आम सभा में आजीवन अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, एक अन्य दागी राजनेता अभय सिंह चौटाला को भी आइओए का आजीवन अध्यक्ष बनाया गया है।

खेल मंत्री विजय गोयल ने कलमाड़ी और चौटाला को आइओए का आजीवन अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार से बड़ा कोई नहीं है, हमने डिटेल मांगी है और हमारी सरकार जो भी कदम ठीक समझेगी वो उठाएगी। वहीं, पूर्व खेल मंत्री अजय माकन ने इस मुद्दे पर विजय गोयल पर ही हमला बोल दिया है।

यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे अजय माकन ने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ अभय चौटाला और सुरेश कलमाड़ी को आजीवन अध्यक्ष बनाकर क्या संदेश देना चाह रहे हैं? इससे देश की छवि ख़राब होती है। वर्तमान खेलमंत्री विजय गोयल ने इसको लेकर स्टैंड लिया है, लेकिन वह इसको लेकर और कड़ी कार्रवाई करें।

उन्होंने बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा अगर इस मामले में कड़ी कार्रवाई करना चाहती है तो अनुराग ठाकूर, ढींडसा और तरलोचन सिंह जैसे नेताओं से कहना चाहिए। माकन ने कहा कि अनुराग ठाकुर जैसे नेताओं ने मीटिंग में रहते हुए इसका विरोध क्यों नहीं किया?

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि बीसीसीआइ अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और अन्य राजनीतिक लोग भी आइओए से जुड़े हैं। ये सब कल आइओए की बैठक में भी थे। इनको भी पार्टी लाइन से हटकर इनकी खिलाफत करनी चाहिए थी और इनको पद से हटाना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ अगर कोई जनहित याचिका कोर्ट में डालता है. तो भारत सरकार को उस याचिका का साथ देना चाहिए। अजय माकन का कहना है कि कार्यकारिणी को खुद ही अपना फैसला वापस ले लेना चाहिए, नहीं तो भारत के खेलों पर बड़ा धब्बा लग जाएगा।

उन्होंने भाजपा को घेरते हुए कहा कि मेरे द्वारा लाए गए स्पोर्ट्स बिल को मान लेती है, तो देश के खेलों में बड़ा सुधार हो सकता है। देश के खेलों को ख़राब करने में सभी राजनितिक पार्टियां जिम्मेदार हैं।

बता दें कि सुरेश कलमाड़ी 1996 से 2011 तक आईओए अध्यक्ष रहे और उन्हें 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में घोटाले में संलिप्तता के कारण दस महीने जेल की सजा काटनी पड़ी थी, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

पुणे में जन्मे 72 वर्षीय कलमाड़ी कांग्रेस के पूर्व सांसद भी हैं। वह 2000 से 2013 तक एशियाई एथलेटिक्स संघ के भी अध्यक्ष रहे थे। उन्हें पिछले साल ही एशियाई एथलेटिक्स संघ का आजीवन अध्यक्ष बनाया गया था। वह अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (आईएएएफ) के भी 2001 से 2013 तक सदस्य रहे।

वहीं, अभय चौटाला दिसंबर 2012 से फरवरी 2014 तक आईओए अध्यक्ष रहे। उस समय अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने चुनावों में आईओए को निलंबित कर रखा था, क्योंकि उसने चुनावों में ऐसे उम्मीद्वार उतारे थे जिनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल थे।

Posted By: JP Yadav