नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। दक्षिणी दिल्ली के आयानगर में एक हजार लोगों को वन विभाग ने नोटिस भेजकर घर खाली करने के लिए कहा है। तीन अगस्त को वन विभाग से जारी यह नोटिस दस अगस्त को उस समय चस्पा किया गया, जब घर खाली करने की समय सीमा निकल गई।

वन विभाग के इस नोटिस से यहां रह रहे हजारों लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। डरे-सहमे लोगों में इन लोगों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal ) को पत्र लिखकर आवास बचाने की गुहार लगाई है।

कालोनी के लोगों से मुलाकात करेंगे दिल्ली के मंत्री गोपाल राय

यहां रह रहे लोगों का दावा है कि वह पिछले 30 साल से यहां रह रहे हैं। दिल्ली के वन एवं पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Delhi Forest and Environment Minister Gopal Rai) ने बताया कि इस मसले को सुनने के लिए कालोनी के लोगों को दस्तावेज के साथ बुलाया गया है। वन विभाग के अधिकारियों को भी बुलाएंगे और पूरे मामले की जानकारी लेंगे।

आयानगर के एक हजार लोगों को वन विभाग ने भेजा नोटिस
आयानगर में करीब 50 हजार आबादी है। यहां 10 हजार के करीब मकान हैं, जिसमें से एक हजार मकान मालिकों को वन विभाग ने नोटिस दिया है। इसे लेकर कालोनी के लोग वन विभाग और राजस्व विभाग को दोषी ठहरा रहे हैं।

तीन अगस्त का नोटिस दस अगस्त को किया गया चस्पा

उनका कहना है कि दिल्ली सरकार के फंड से यहां सड़क व नाली बनी हुई हैं। सभी के पास आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन हैं। इसके बावजूद राजस्व विभाग ने 1996 में मौका मुआयना किए बिना जमीन वन विभाग को हस्तांतरित कर दी।

नियम के मुताबिक आवासीय भूमि वन विभाग को हस्तांतरित नहीं की जा सकती है। वहीं, लोगों की शिकायत है कि यह नोटिस को 3 अगस्त को जारी हुआ, लेकिन इसे लगाया गया 10 अगस्त को। लोग परेशान हैं क्योंकि वह यहां पर कई दशकों से रह रहे हैं। 

Edited By: Jp Yadav