नोएडा (जेएनएन)। एक युवक ने बहन पर बुरी नीयत रखने के संदेह में अपने दोस्त को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। वह कुछ देर पहले ही मौत के मुंह से बचकर निकला था। पूरे हत्याकांड को उसने इतने शातिराना तरीके से अंजाम दिया कि पुलिस को भी लगा था कि मौत डूबने से हुई है। खास बात ये है हत्या से ठीक पहले ही इनका एक साथी भी गंगनहर में डूबकर मरा था। आरोपी ने उसी घटना का फायदा उठा इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम दिया। हालांकि फॉरेंसिक और साइंटिफिक जांच ने पूरे केस की दिशा बदल हत्यारोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। आरुषि केस में पुलिस ने शुरू में फॉरेंसिक जांच नहीं कराई थी, जिसकी वजह से ये केस अब भी मर्डर मिस्ट्री बना हुआ है।

हत्या की ये सनसनीखेज वारदात 23 जून को हुई थी। नोएडा के बरौला गांव में रहने वाले सौरभ (25) ने बरौला के ही रहने वाले दोस्त मिंटू उर्फ नागेंद्र चौहान (32) और सालारपुर निवासी भानू प्रताप (34) को लेकर गंगनहर मुरादनगर नहाने का प्लान बनाया। मिंटू शादीशुदा था और गांव में ही दुकान चलाता था। भानू भी शादीशुदा था और ठेकेदारी करता था। भानू की स्विफ्ट कार से तीनों का गंगनहर जाने का प्लान बना। साजिश के तहत सौरभ ने नोएडा से चलने से पहले ही दिल्ली से कार में शराब रख ली थी। रास्ते भर तीनों दोस्त शराब पीते हुए गंगनहर पहुंचे।

गंगनहर पर नशे में धुत तीनों दोस्त नहाने लगे। साजिश के तहत सौरभ कुछ देर नहाकर निकल गया और मोबाइल से फोटो खींचने लगा। इसी दौरान उसके दोनों दोस्त नहर में डूबने लगे। वहां मौजूद गोताखोरों ने मिंटू और भानू को किसी तरह बाहर निकाला। डूबने की वजह से भानू की हालत खराब थी, लिहाजा उसे वहां से अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल ले जाने के दौरान भानू ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

उधर गोताखोरों ने नशे में धुत मिंटू को उसके दोस्त सौरभ के हवाले कर दिया। वह बेहोशी की हालत में था। सौरभ को संदेह था कि मिंटू उसकी बहन पर बुरी नजर रखता है। इस वजह से वह मन ही मन उससे चिढ़ा हुआ था। भानू की डूबकर मौत होने के बाद सौरभ मिंटू को मुरदानगर से करीब 10 किलोमीटर दूर धौलाना लेकर पहुंच गया। यहां सौरभ ने लोहे की रॉड से मिंटू के सिर पर दो बार वार कर उसकी हत्या कर दी। इससे पहले उसने मिंटू के अंदरूनी अंगों पर भी रॉड से हमला किया था। हत्या के बाद सौरभ ने शव को नहर में ही फेंक दिया।

उधर दोनों युवकों के मौत की खबर जब नोएडा में उनके घरवालों को मिली तो दोनों घरों में मातम पसर गया। मिंटू के परिजन ने थाना सेक्टर-49 में सौरभ के खिलाफ हत्या की शिकायत दी। परिजन के दबाव में थाना सेक्टर-49 पुलिस ने मिंटू के पिता सबल सिंह की शिकायत पर हत्या की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन तत्कालीन एसएचओ ने बिना जांच के ही ये मान लिया कि भानू की तरह मिंटू की भी नशे में डूबने से मौत हुई है। उनके इस बर्ताव के खिलाफ मिंटू के परिजन ने काफी हंगामा और धरना प्रदर्शन किया।

अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मिटू के परिजन शांत हुए। इसके बाद परिजन ने इस केस की जांच थाना सेक्टर-24 के एसएचओ पंकज पंत को सौंपने की मांग रखी। दरअसल पंकज पंत थाना सेक्टर-24 से पहले थाना सेक्टर-49 के एसएचओ थे। थाना सेक्टर-49 प्रभारी रहते हुए उन्होंने वहां पर हाई प्रोफाइल मोती गोयल हत्याकांड और कबाड़ी हत्याकांड आदि का खुलासा किया था। इससे मिंटू के परिजन को भरोसा था कि वह इस हत्यकांड का भी खुलासा कर लेंगे। परिजन की मांग पर एसएसपी ने मामले की जांच थाना सेक्टर-24 प्रभारी निरीक्षक पंकज पंत को सौंप दी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट कर रही थी हत्या का इशारा

पंकज पंत के अनुसार उन्होंने जब मिंटू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी तो उसमें सिर पर दो चोट के साथ उसके गुप्तांगों पर चोट लगने की बात थी। उसका शव भी मुरादनगर से करीब 10 किलोमीटर दूर मिला था। मिंटू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहीं भी उसके डूबने का जिक्र नहीं था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इन तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट साफ हत्या की तरफ इशारा कर रही थी। इसके बाद उन्होंने सौरभ से कई बार पूछताछ की, लेकिन वह हर बार पुलिस को घुमा देता था।

रास्ते के सभी सीसीटीवी खंगाल डाले तो मिला सुराग

पुलिस ने नोएडा से मुरादनगर गंगनहर और धौलाना गंगनहर के रास्ते में लगे लगभग 10 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल डाली। इन सीसीटीवी कैमरों से पता चला कि मुरादनगर गंगनहर से मिंटू को निकालने के बाद सौरभ उसे अपनी कार में बैठाकर धौलाना की तरफ ले गया था। दोनों की मोबाइल लोकेशन से भी इसकी पुष्टि हो गई। इसके बाद सौरभ को गिरफ्तार कर सुबुतों के साथ उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कुबुल लिया।

कार से मिले फॉरेंसिक सबूत

गौतमबुद्धनगर के एसएसपी डॉ अजयपाल शर्मा ने बताया कि मिंटू पर संदेह होने के बाद पुलिस ने उसकी स्विफ्ट कार की फॉरेंसिक जांच कराई थी। फॉरेंसिक जांच में कार की पिछली सीट से खून के धब्बे मिल गए। इससे कार में हत्या करने की पुष्टि हो गई। आरोपी ने हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए पूरी कार बहुत अच्छे से धुल दी थी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड भी बरामद कर ली है। इस केस में थाना सेक्टर-24 पुलिस टीम ने बहुत ही सराहनीय कार्य करते हुए फॉरेंसिक और साइंटिफिक सबूतों के आधार पर केस का खुलासा किया है।

सौरभ को 15 दिन हिरासत में रखकर भी नहीं उगलवा पाए थे जुर्म

मिंटू के परिजन ने जब सौरभ पर हत्या का संदेह जताया तो तत्कालीन थाना सेक्टर-49 प्रभारी निरीक्षक अवनीश दीक्षित ने करीब 15 दिन तक उसे हिरासत में रखकर पूछताछ की। लेकिन सौरभ इतने मजबूत इरादों का था कि वह उससे कुछ भी उगलवा नहीं सके। दोबारा जांच में भी सौरभ ने पुलिस को भटकाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन फॉरेंसिक और साइंटिफिक जांचों ने उसकी पोल खोल दी।

मिंटू के कर्ज के दबाव में सुनता था बहन के लिए अपशब्द

सौरभ ने पुलिस को बताया कि मिंटू का उस पर करीब साढ़े पांच लाख रुपये का कर्ज था। वह उसका पैसा नहीं चुका पा रहा था। उधर मिंटू उसकी बहन को लेकर अक्सर उससे गंदी बात करता था। दो दिन पहले भी जब दोनों दोस्त रात में साथ खा पी रहे थे तब भी मिंटू ने सौरभ से उसकी बहन को लेकर बहुत आपत्तिजनक बात कही थी। मिंटू ने सौरभ से कहा था कि अगर वह उसकी बात मान लेगा तो वह उसका सारा कर्ज माफ कर देगा। साथ ही उसे 10-20 हजार रुपये और देगा। उस दिन मिंटू की पत्नी भी घर पर नहीं थी।

दो दिन पहले रची थी हत्या की साजिश

सौरभ के अनुसार उसने मिंटू को उसकी बहन के बारे में गलत बात करने से मना किया तो वह उसे गंदी और अश्लील गालियां देने लगा। साथ ही उसने अपने साढ़े पांच लाख रुपये तुरंत वापस करने को कहे। इससे पहले भी मिंटू कई बार उसकी बहन के लिए गंदी बात कर चुका था, लेकिन कर्ज में दबा होने के कारण वह उसका विरोध नहीं कर पाता था। सौरभ के अनुसार दो दिन पहले जब मिंटू ने सारी सीमाएं पार कर, उसी दिन उसने उसकी हत्या करने का मन बना लिया था। 23 जून को गंगनहर में भानू के डूबकर मरने पर उसे ये मौका मिल गया। इसके बाद उसने मिंटू को भी मौत के घाट उतार दिया और उसका शव भी गंगनहर में ही फेंक दिया। ताकि सबको लगे कि उसकी भी डूबने से मौत हुई है।

Posted By: Amit Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस