नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। विदेशी नागरिक को भारत का विदेशी नागरिक (ओसीआइ) कार्डधारक के रूप में पंजीकृत होने के मामले में केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में स्थिति स्पष्ट करते हुए हलफनामा दायर किया। केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट को सूचित किया कि अगर दोनों के बीच तलाक हो जाता है तो विदेशी नागरिक से ओसीआइ कार्ड धारक का अधिकार वापस ले लिया जाता है।

विदेशी महिला ने नागरिकता कानून की एक धारा को दी है चुनौती

अधिवक्ता अजय दिगपॉल के माध्यम से दाखिल हलफनामे में गृह मंत्रालय ने बेल्जियम के ब्रसेल्स में भारतीय दूतावास के निर्णय का बचाव करते हुए कोर्ट में यह दलील दी। भारतीय दूतावास ने बेल्जियम की महिला को भारतीय व्यक्ति के साथ उसकी शादी समाप्त होने के बाद ओसीआइ कार्ड वापस करने का निर्देश दिया था।

इस कारण आया फैसला

महिला ने नागरिकता कानून की धारा-सात डी (एफ) के प्रविधान को चुनौती दी है। इस धारा के तहत अगर भारतीय नागरिक का विदेशी साथी (पति या पत्नी) से तलाक हो जाए तो ओसीआइ कार्ड धारक होने का दर्जा समाप्त हो जाता है।

मंत्रालय ने कहा कि महिला को एक भारतीय नागरिक से विवाह करने के कारण बेल्जियम के ब्रसेल्स स्थित भारतीय दूतावास द्वारा भारतीय मूल का व्यक्ति (पीओआइ) कार्ड 21 अगस्त, 2006 को जारी किया गया था। उसने अक्टूबर 2011 में अपने पति को तलाक दे दिया था, ऐसे में उसे पीआइओ कार्ड को रद कराना चाहिए था, लेकिन यह नहीं हुआ। महिला का ओसीआइ दर्जा अब भी रद नहीं हुआ है और उसे बस कार्ड वापस करने को कहा गया है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप