नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। Delhi Metro: दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे तकरीबन 10 शहरों के 30 लाख से अधिक लोगों के लिए लाइफ लाइन बन चुकी दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) की ट्रेनों में तकरीबन हर सप्ताह आ रही दिक्कतों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। आलम यह है कि जब भी मेट्रो के किसी भी रूट पर तकनीकी या फिर अन्य खामी आती है तो हजारों की संख्या में लोगों की दिक्कत बढ़ती है, खासकर पीक आवर में समस्या आने पर लोग दफ्तर, छात्र कॉलेज समय पर नहीं पहुंच पाते। इसी कड़ी में दिल्ली मेट्रो में सफर करना मंगलवार को यात्रियों के लिए मुश्किल भरा रहा। सिग्नल में खराबी के कारण येलो लाइन (yellow line) व ब्लू लाइन (Blue Line) पर करीब एक-एक घंटा परिचालन प्रभावित रहा। यह दोनों ही लाइन दिल्ली मेट्रो की सबसे व्यस्त कॉरिडोर हैं। इसके चलते नोएडा के भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मेट्रो में बार-बार होने वाली तकनीकी खराबी से यात्रियों में भी रोष बढ़ रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोगों ने ट्वीट कर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के प्रति नाराजगी जाहिर की।

दिल्ली मेट्रो को लेकर क्या टूट रही है छवि?

बेशक दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए लाइफ लाइन बन चुकी दिल्ली मेट्रो अब भी सबसे विश्वसनीय बनी हुई है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह भ्रम टूटा है। खासकर ब्लू लाइन पर सबसे ज्यादा दिक्कत आने के चलते लोग अब नाराजगी भी जाहिर करने लगे हैं। यह कहा जाने लगा है कि मेट्रो गंतव्य तक समय से पहुंचाएगी? इस पर संदेह होने लगा है।

अनुल दयाल (मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन) का कहना है कि दिल्ली मेट्रो ट्रेन एक रनिंग सिस्टम है और ऐसे में ऑपरेशन खराबी आ जाती है। दिल्ली मेट्रो जल्द से जल्द ऐसी खामियाें पर काबू भी पा लेता है। विदेशों में मेट्रो ट्रेनों में खराबी आती है और उन्हें तत्परता से ठीक किया जाता है।

रोजाना 4000 से अधिक ट्रिप लगाती है दिल्ली मेट्रो

दिल्ली मेट्रो के जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो कुल मिलाकर 4000 से अधिक ट्रिप (चक्कर) लगाता है। ऐसे में कई बार तकनीकी खामियों के चलते मेट्रो ट्रेनें बाधित हो जाती हैं। वहीं, बड़ा सवाल यह है कि दुनिया की दूसरी सबसे महंगी सेवाओं में शुमार दिल्ली मेट्रो के यात्री तकनीका खामी का खामियाजा क्यों भुगते, क्योंकि वह तो अपने सुविधाजनक सफर के लिए पूरा भुगतान करते हैं। 

 दुनिया की सबसे महंगी सेवा 'दिल्ली मेट्रो'

यहां पर बता दें कि पिछले साल सेंटर फॉर साइंड एंड इंवायरमेंट (Centre for Science and Environment) ने दिल्ली मेट्रो को लेकर सालभर की कमाई और लागत का आकड़ा पेश किया तो हैरान करने वाली बात सामने आई। इस अध्ययन के मुताबिक, सफर के लिहाज से दिल्ली मेट्रो दुनिया की सबसे महंगी मेट्रो है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब दिल्ली मेट्रो यात्रियों को सुविधा मुहैया कराने के लिए पैसे पूरे ले रहा है तो उसका फर्ज है कि वह सही समय और सुरक्षित ढंग से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाए। बता दें कि दुनिया का सबसे महंगा मेट्रो का सफर हनोई का है। यहां पर लोग अपनी पूरी कमाई का 25 फीसद हिस्सा मेट्रो यात्रा पर खर्च करते हैं। वहीं, दिल्ली मेट्रो को लेकर अध्ययन में सामने आया है कि लोग अपनी कमाई का औसतन 14 फीसद हिस्सा खर्च करते हैं। 

यलो व ब्लू लाइन पर सिग्नल की खराबी से मेट्रो परिचालन प्रभावित

गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो में बार-बार होने वाली तकनीकी खराबी से यात्रियों में भी रोष बढ़ रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोगों ने ट्वीट कर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के प्रति नाराजगी जाहिर की। सबसे पहले सुबह में येलो लाइन पर तकनीकी खराबी आई। डीएमआरसी ने सुबह 8:13 बजे ट्वीट कर कुतुब मीनार से हुडा सिटी सेंटर के बीच विलंब परिचालन होने की सूचना दी। डीएमआरसी के अनुसार सुल्तानपुर मेट्रो स्टेशन के पास सिग्नल में खराबी आ गई थी, जिससे परिचालन प्रभावित हुआ था। सुबह 8:57 बजे तकनीकी खराबी दूर कर ली गई। हालांकि, परिचालन करीब सवा नौ बजे के बाद ही सामान्य हो सका। सुबह के समय काफी संख्या में नौकरी पेशेवर लोग येलो लाइन की मेट्रो से दिल्ली-गुरुग्राम के बीच आवागमन करते हैं, इसलिए व्यस्त समय में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

जितेंद्र पाल नामक व्यक्ति ने ट्वीट कर कहा कि क्या अब मेट्रो के अलावा कोई और विकल्प है? यह हालत कब तक बनी रहेगी? डीएमआरसी ने किराया दोगुना कर दिया। फिर भी मेट्रो अक्सर विलंब होती है। यही हाल रहा तो आने वाले समय में मेट्रो का हाल रेलवे जैसा होगा। अखिल महेश्वरी ने ट्वीट कर कहा कि 9:10 बजे भी परिचालन सामान्य नहीं है। हौज खास से साकेत पहुंचने में ही 20 मिनट का समय लग गया।

सोशल नेटवर्क पर मेट्रो के प्रति लोगों का फुटा गुस्सा

मेट्रो परिचालन प्रभावित होने से 100 से अधिक लोगों ने डीएमआरसी को ट्वीट कर नाराजगरी जाहिर की। पीयूष ने ट्वीट कर कहा कि आए दिन ब्लू लाइन पर तकनीकी खराबी से देरी होती है। कैसे मेट्रो सेवा पर भरोसा करें? ऑफिस के लिए हर बार मेट्रो की वजह से देरी होती है। क्या सार्वजनिक परिवहन पर भरोसा न करें? एके सिंह ने कहा कि नोएडा सेक्टर- 62 से न्यू अशोक नगर पहुंचने में ही 50 मिनट लग गया। देरी किस वजह से हुई यह जानकारी नहीं दी जा रही है। मयंक ने कहा कि पहले कार से जाता था लेकिन पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने लगा। सोचा प्रदूषण और सड़क के जाम से मुक्ति मिलेगी लेकिन मेट्रो में हर रोज हो रही तकनीकी खराबी से भरोसा ही उठ गया है।

यमुना बैंक स्टेशन पर आधा घंटा खड़ी रही मेट्रो

शाम के समय ब्लू लाइन पर सिग्नल में खराबी से करीब एक घंटा परिचालन प्रभावित रहा। हालांकि डीएमआरसी का कहना है कि द्वारका से द्वारका सेक्टर 21 के बीच शाम 4:30 बजे से शाम 5:05 बजे तक ही परिचालन प्रभावित रहा, लेकिन यात्रियों का कहना है कि यहां शाम करीब चार बजे से ही परिचालन प्रभावित था। इस वजह से मयूर विहार से राजीव चौक जाने में करीब सवा घंटे का समय लगा। हर स्टेशन पर मेट्रो 10-15 मिनट तक रुक-रुक कर चली। नोएडा से चलने वाली एक मेट्रो ट्रेन शाम सवा चार बजे यमुना बैंक स्टेशन पर आधा घंटा खड़ी रही। इस दौरान काफी संख्या में यात्री ट्रेन से बाहर प्लेटफॉर्म पर आ गए। इसी दौरान वैशाली से द्वारका जाने वाली दूसरी मेट्रो भी यमुना बैंक स्टेशन पहुंच गई। इस मेट्रो के यात्री भी गुस्से में प्लेटफार्म पर आ गए। इस वजह से स्टेशन पर भीड़ लग गई।

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Posted By: JP Yadav

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