ई दिल्ली [धनंजय मिश्रा]। राजधानी में महिला पुलिस कर्मियों को भी अपराधों से निबटने के लिए आगे लाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कड़ी में शुक्रवार को मध्य जिले की डीसीपी श्वेता चौहान ने करोलबाग थाने में राजधानी का पहला महिला पुलिस बूथ का उद्धाटन किया। इसके साथ ही शुक्रवार से मध्य जिले के सभी थानाक्षेत्र में एक-एक बीट में केवल महिला कर्मियाें की तैनाती की गई।

अब तक हर बीट में महिला व पुरुष दोनों कर्मियों को तैनात किया जाता था, लेकिन अब जिले के प्रत्येक थानाक्षेत्र में एक-एक महिला बीट बना दिया गया है। जिले में प्रशक्ति नाम से इस नई पहल की शुरुआत भी कई है। प्रत्येक महिला बीट में तीन-तीन महिलाकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं महिला पुलिस बूथ में पांच महिलाकर्मियों की तैनाती की गई, जिनमें एक सब इंस्पेक्टर व चार सिपाही शामिल हैं। गश्त करने के लिए इन्हें एक पीसीआर वैन व दो बाइक दी गई है। महिला कर्मी ही पीसीआर वैन व बाइक चलाएगी।

उपायुक्त का कहना है कि महिलाओं व बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध से निबटने की महिला कर्मी पूरा प्रयास करेगी। वहीं बीट में तैनात महिला कर्मी भी ईआरवी, क्यूआरटी, मोटरसाइकिल, स्कूटी से संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त करेंगी। करोलबाग थानाक्षेत्र में शुरू किए गए महिला बूथ को पिंक बूथ का नाम दिया गया है। यहां महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इस बूथ को व्यस्त बाजार के बीच बनाया गया है ताकि महिलाओं से संबंधित अपराधों के रोकथाम में मदद मिल सके। बूथ में तैनात महिला कर्मी महिलाओं और बच्चियों को उनके खिलाफ होने वाली हिंसा से बचने को लेकर जागरूक करने का भी काम करेगी।

डीसीपी का कहना है कि प्रशक्ति योजना के तहत जो महिला कर्मियों की बीट बनाए गए हैं उनका वीरा दस्ता व शक्ति दस्ता का नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य पेशेवर पुलिसिंग भूमिकाओं में महिला अधिकारियों को आगे लाना है। अपराध के रोकथाम और पता लगाने की पेशेवर भूमिकाएं जिन्हें पुरुषों के लिए ही माना जाता था। इसमें अब महिला पुलिस कर्मियों की भी भागीदारी बढ़ेगी। वे अपराध की रोकथाम, उसका पता लगाने और जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

Edited By: Prateek Kumar