नई दिल्ली, एएनआइ/जेएनएनदिल्ली के फिल्मिस्तान इलाके में रविवार को जिस कंपनी में आग लगी थी उसमें सोमवार सुबह फिर से धुंआ निकलने लगा। जानकारी के अनुसार, गत्ते में आग फिर से सुलग गई थी। सुबह 7.48 बजे दमकल विभाग की इसकी सूचना मिली। मौके पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया है। 

बताया जा रहा है कि आज सुबह लोगों ने देखा कि फैक्ट्री में फिर से धुंआ निकलने लगा। गत्ते में आग फिर से सुलग गई थी। इसकी वजह से कंपनी में धुंआ ही धुंआ नजर आने लगा। 

स्थानीय लोगों ने किया हंगामा

उधर, कंपनी के बाहर स्थानीय लोगों ने हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों में कुछ मजदूर हैं जो यहां की आस पास की इकाइयों में भी काम करते हैं । किसी ने इनके साथ हाथापाई की। जिसके बाद लोग हंगामा करने लगे।

जानकारी के अनुसार, यूपी में इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए यूपी पुलिस के अधिकारी केस स्टडी के लिए पहुंचे। यूपी के डीजीपी के निर्देश पर नोएडा, हापुड़, मथुरा के अधिकारी यहां आए हैं। ये लोग मौके का जायजा लेकर इस अध्ययन करेंगे ताकि यूपी में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से ही लगाम लगाया जा सके।

रविवार को 43 लोगों की मौत

बता दें कि रविवार को लगी भीषण आग में 43 लोगों की जान चली गई थी। ज्यादातर की मौत धुएं के कारण दम घुटने से हुई। मरने वालों में ज्यादातर बिहार के समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और उत्तर प्रदेश के बिजनौर व मुरादाबाद के रहने वाले थे। अब तक 22 मृतकों की पहचान हुई, इनमें 18 बिहार और चार उत्तर प्रदेश के हैं। 18 लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनके लिए 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और ऑक्सीजन दी जा रही है।

हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से ही लगाया सकता है कि आग को काबू करने के लिए दमकल की 30 गाड़ियां और 150 कर्मी लगे। पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक रिहान और मैनेजर फुरकान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। रिहान के एक भाई को भी हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।

केंद्रीय गृह मंत्रलय ने मांगी रिपोर्ट

केंद्रीय गृह मंत्रलय ने इस संबंध में दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। दिल्ली सरकार ने भी मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने हादसे की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।

अवैध थी रिहायशी इलाके में स्थित फैक्ट्री

रिहायशी इलाके में स्थित फैक्ट्री अवैध है। 600 गज के प्लॉट पर तीन भाइयों शान-ए-इलाही, रिहान व इमरान की 200-200 गज में फैक्ट्री है। इनमें लेडीज बैग, स्कूल बैग व खिलौना बनते हैं। सुबह पांच बजे रिहान की फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर शार्ट सर्किट से आग लगी। प्लास्टिक व ज्वलनशील सामान होने से आग ने भयावह रूप ले लिया। उस समय फैक्ट्री में 100 से अधिक लोग थे।

संकरे रास्ते के कारण बचाव में दिक्कत

दमकल व पुलिसकर्मी पड़ोस की छत से पहुंचे और नीचे जाने वाले जीने का दरवाजा तोड़कर लोगों को निकाला। आग बढ़ती देख आसपास की इमारतों को खाली कराया गया। मुख्य सड़क से अंदर की ओर जाने का रास्ता काफी संकरा था। इसलिए बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं। दमकलकर्मियों ने करीब 400 मीटर की दूरी से पानी के पाइप लाकर बचाव कार्य शुरू किए। इलाके में अवैध फैक्टियों की भरमार है। हर इमारत के बाहर इलेक्टिक वायर खतरनाक ढंग से बाहर लटकते दिख जाएंगे।

बता दें कि 1997 में हुए उपहार सिनेमा अग्निकांड में 59 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इसी साल फरवरी में करोलबाग में एक होटल में लगी आग से 17 लोगों की मौत हो गई थी।

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Posted By: Mangal Yadav

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