नई दिल्ली [संतोष शर्मा]। दिल्ली अग्निशमन विभाग के कर्मी कोरोना काल के दौरान ड्यूटी पर रात-दिन डटे रहे। इस दौरान उन्होंने जहां ओखला में अस्पताल में लगी आग से कोरोना मरीजों को बचाया। वहीं, निजामुद्दीन मरकज मामले में भी इलाके को संक्रमण मुक्त करने में जुटे रहे। बावजूद इसके जोखिम उठाने वाले दमकल कर्मियों को कोरोना का टीका लगवाने में प्राथमिकता नहीं दी गई। अब दमकल विभाग कर्मियों को अपने स्तर पर कोरोना का टीका लगवाने में जुट गया है। उनके पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार द्वारा उपेक्षा किए जाने से दमकल कर्मी चिंतित और तनाव में हैं।

कर्मियों का कहना है कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर कोरोना काल में दिन-रात मेहनत की। उन्हें उम्मीद थी कि कोरोना का टीका लगवाने में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। लेकिन, उनकी उपेक्षा की गई। दरअसल कोरोना काल के दौरान भी दमकल कर्मी जहां आग बुझाने में जुटे हुए थे। वहीं, उनकी तैनाती कोरोना अस्पताल और संक्रमित जोन में भी थी। यही नहीं इस दौरान विभाग की अलग-अलग टीम को इलाके को संक्रमण मुक्त करने के लिए दवा का छिड़काव में लगाया था।

कोरोना के बीच ओखला मंडी स्थिति एक अस्पताल में आग लगने पर कर्मियों ने आगे बढ़कर मरीजों को बाहर निकाला था। उसमें कई मरीज कोरोना संक्रमित थे। इस दौरान विभाग के 227 कर्मी और अधिकारी कोरोना संक्रमित भी हो गए थे।

दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दमकल कर्मियों को टीका लगाने में प्राथमिकता के लिए दिल्ली सरकार के गृह मंत्रालय से कर्मियों की लिस्ट मांगी थी। लेकिन विभाग द्वारा करीब 24 सौ कर्मियों की लिस्ट जमा करवाने के बावजूद पहले चरण में उनका टीकाकरण नहीं कराया गया। इससे कर्मियों में खासा अंसतोष और गुस्सा है।

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021