नई दिल्ली, प्रेट्र। फोर्टिस और रैनबैक्सी के प्रमोटर रहे सिंह भाइयों के बीच की लड़ाई अब मारपीट तक पहुंच गई है। बड़े भाई मलविंदर सिंह ने छोटे भाई शिविंदर  सिंह पर मारपीट का आरोप लगाया है। वहीं, शिविंदर सिंह ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा हालात में अब बड़े भाई मलविंदर सिंह के साथ मिलकर काम करने की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है।

सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में मलविंदर सिंह ने दावा किया है कि शिविंदर ने उनके साथ मारपीट की है। मारपीट की यह घटना बुधवार की बताई जा रही है, जब शिविंदर ने समूह की कंपनी प्रियस रियल इस्टेट की बोर्ड की बैठक को बाधित करने की कोशिश की थी। उनका दावा था कि इस कंपनी ने गुरिंदर सिंह ढिल्लन और उनके परिवार की स्वामित्व वाली कंपनियों को लगभग 2,000 करोड़ रुपये दिए हैं।

शिविंदर सिंह ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि उनकी गरिमा को खत्म करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। मारपीट की घटना पर अपना पक्ष रखते हुए शिविंदर ने बताया कि वह पांच दिसंबर को अपनी कंपनी के दफ्तर में गए थे।

कंपनी में निदेशक उनके बड़े भाइयों के रिश्तेदार वहां कर्मचारियों के साथ जोर-जबर्दस्ती कर रहे थे। उन्होंने कर्मचारियों के हित में उन्हें रोकना चाहा तो मलविंदर सिंह ने उनका गिरेबां पकड़कर दीवार से चिपका दिया। खुद को बचाने के लिए ही उन्होंने अपने बड़े भाई को झटका दिया था। शिविंदर का कहना है कि इस घटना के बाद अब मलविंदर सिंह के साथ मिलकर काम करने की संभावना नहीं है।

इससे पहले, मलविंदर सिंह ने अपने हाथ पर चोट के निशान दिखाते हुए कहा था कि शिविंदर ने उनकी पिटाई की और धमकी दी। लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें अलग किया। हालांकि, मलविंदर सिंह ने इस पर किसी तरह की टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है।

दरअसल, फोर्टिस हेल्थकेयर के फंड को दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर करने के आरोपों के बाद से ही दोनों भाइयों के बीच लड़ाई चल रही है। इसी आरोप के चलते दोनों भाइयों को कंपनी के बोर्ड से अलग भी होना पड़ा था।

Posted By: Prateek Kumar