दिल्ली, गाजियाबाद [शाहनवाज अली]। नए कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट पर नवंबर माह से चल रहे धरना-प्रदर्शन में भी कई बार हालात बिगड़ते-बिगड़ते बचे हैं। यहां शराब पीकर मारपीट से लेकर कपड़े उतारकर डांस करना हो या फिर ट्रैक्टर और गाड़ियों से स्टंट। अहिंसात्मक धरना बताने वाले धरने में शामिल लोग अहिंसा के पुजारी को बदनाम कर चुके हैं। पिछले करीब साढ़े पांच माह से यूपी गेट पर नए कृषि विरोधी कानूनों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले विभिन्न जनपद व प्रदेशों के प्रदर्शनकारियों ने धरना शुरू किया था।

ई बार आए उतार चढ़ाव

धरने के दौरान यहां कई उतार-चढ़ाव आए। कभी यह धरना प्रदर्शन इसमें शामिल होने वाले प्रदर्शनकारियों की ओर से शराब पीकर हुड़दंग मचाने को लेकर चर्चाओं में रहा तो कभी नशे में कपड़े उतारकर डीजे पर डांस को लेकर। कभी प्रदर्शनकारियों ने धरने को देखने पहुंचे लोगों को जमकर पीटा तो कभी गाड़ियों व ट्रैक्टरों पर चढ़कर स्टंट कर अपने साथ दूसरों की जान खतरे में डाली। इसमें कई लोग जख्मी भी हुए।

बंगाल की युवती से दुष्कर्म से महौल हुआ खराब

अब हरियाणा के बहादुरगढ़ में टीकरी बार्डर पर चल रहे धरने में पश्चिम बंगाल के हुगली की युवती की दुष्कर्म के बाद कोरोना संक्रमण के चलते मौत की खबर ने एक बार फिर से कृषि विरोधी प्रदर्शनकारियों के धरने को सुर्खियों में ला दिया है। मृतका के पिता के बयान पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, इस घटना के बाद यूपी गेट पर भी नेताओं में सुगबुगाहट शुरू हो गई है। हालांकि कोई यहां प्रदर्शनकारियों के नेता इस बारे में ज्यादा जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं।

महिला की मौत की मिली है जानकारी

इतनी जानकारी मिली थी कि टीकरी बार्डर पर चल रहे किसानों के धरने में शामिल एक महिला की मौत हुई है। यह कैसे हुई है इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। धरना अहिंसात्मक रूप से चल रहा है।

जगतार सिंह बाजवा, प्रवक्ता संयुक्त किसान एकता मोर्चा यूपी गेट