नई दिल्ली/रेवाड़ी, केके यादव। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित शाहजहांपुर-जयसिंहपुर खेड़ा बार्डर पर दिए जा रहे धरना स्थल पर शनिवार को किसान नेता राकेश टिकैत पहुंचे। उन्होंने धरनास्थल पर बैठे आंदोलनकारियाें को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रही किसान संसद की जानकारी दी। उन्होंने आंदोलनकारियों से मांगें पूरी नहीं होने तक मोर्चा पर डटे रहने का आह्वान किया। राकेश टिकैत ने कहा कि जंतर-मंतर पर मानसून सत्र के दौरान किसान संसद चल रही है। रोजाना 200 किसान संसद में पहुंच रहे है। जब तक मानसून सत्र चलेगा तब तक किसान संसद चलेगी। किसान अपनी बात से पीछे हटने वाले नहीं है।

सरकार की कोशिाश से खत्म नहीं होगा किसान आंदोलन

सरकार कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन किसानों का अंदोलन खत्म नहीं होगा। किसान पूरी तैयारी के साथ आंदोलन पर है तथा अभी यह आंदोलन 35 महीने और चलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग किसानों को मवाली कहते हैं। भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी तो सिर्फ बोलने वाली है। क्या बोलना है, वो उन्हें कोई और लिखकर देता है। वे चांदी के बर्तनों में खाने वाले और हम झोपड़ी में रहने वाले और अनाज उगा कर पत्तल में खाना खाने वाले लोग हैं। क्या सरकार का विरोध करना राजनीति है।

सरकार पर लगा राजनीति का आरोप

राजनीति तो सरकार कर रही है। हमने संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से बातचीत के लिए चिट्ठी लिखी थी, लेकिन सरकार शर्ताें पर बात करना चाहती है। सरकार कहती है कि बिल वापस नहीं होंगे, लेकिन बातचीत कर लो। यह मंजूर नहीं है। आंदोलन का समाधान सरकार के पास है। सरकार तीनों बिल वापस लें तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाए।

बारिश के कारण आंदोलनकारियों को हुए नकसान का राकेश टिकैत ने लिया जायजा

बता दें कि दिल्ली-जयपुर हाइवे पर राजस्थान की सीमा में शाहजहांपुर- जयसिंहपुर खेड़ा बार्डर पर 13 दिसंबर 2020 से किसान कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत हैं तथा लगातार धरना चल रहा है। राकेश टिकैत ने बारिश के कारण आंदोलनकारियों को हुए नुकसान का जायजा भी लिया।

Edited By: Prateek Kumar