नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। चितरंजन पार्क के कालीबाड़ी मंदिर व डी-ब्लाक में भक्तों ने मां दुर्गा को पूरे विधि-विधान से विदा किया गया। विदाई से पहले मां के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सीमित संख्या में भक्त पंडाल में पहुंचे। पारंपरिक पोशाक में पहुंची महिलाओं ने मां को सिंदूर लगाया, मिठाई खिलाई और पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कोरोना दिशानिर्देशों का पालन करते हुए महिलाओं ने सिंदूर खेला की रस्म भी निभाई। भक्तों ने मां से अगले वर्ष फिर पधारने की अरदास की। भक्तों ने घर-परिवार व समाज में सुख-शांति की कामना की। भक्तों ने मां को अश्रुपूर्ण नेत्रों से विदाई दी।


सुहागिन महिलाओं ने बोरोन की रस्म के दौरान मां के चरणों में मिठाई, पान, दूब, धान व सिंदूर चढ़ाया और अपने पति व बच्चों की दीर्घायु की कामना की। वहीं, बच्चों ने अपनी कापी-किताबें मां के चरणों में रखकर बल-बुद्धि का आशीर्वाद मांगा।इसके बाद पार्क में बनाए गए कृत्रिम तालाब में मां की प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया।

कालीबाड़ी मंदिर के मुख्य पुजारी डा. रंजीत पहाड़ी ने बताया कि कोरोना दिशानिर्देशों के कारण पंडाल में सीमित संख्या में लोगों को प्रवेश दिया गया। वहीं, सर्बोजनिन पूजा समिति डी-ब्लाक के सचिव सुजॉय घोष ने बताया कि पार्क में ही कृत्रिम तालाब बनाकर मां की प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari