​​नई दिल्ली/नोएडा (वैभव तिवारी)। दिल्ली-एनसीआर के लाखों निजी कर्मचारियों ने अगर अब तक आनलाइन ई-नामिनी नहीं बनाया है, तो जल्द यह काम कर लें क्योंकि यह आपके आश्रितों और परिवार वालों के हित में है। पूर्व में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से आनलाइन ई-नामिनी बनाने के लिए 31 दिसंबर की डेडलाइन तय की थी, लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है। यह तिथि कब तक के लिए बढ़ी है, यह ईपीएफओ की ओर से स्पष्ट नहीं किया गया है। ऐसे में अगर आप निजी/प्राइवेट कंपनी/फैक्टरी में काम करते हैं और आपका पीएफ कटता है तो ई-नामिनी घोषित करना अनिवार्य है। ऐसा करने के बाद अगर आपके साथ कोई हादसा हो जाता है तो आपके परिवार को 7 लाख रुपये अनुदान राशि मिलेगी। यह लाभ आसानी से परिवार को मिल जाए, इसके लिए ई-नामिनी बनाना जरूरी है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि निजी कंपनी अथवा फैक्टरी कर्मचारी के सदस्य को इंश्योरेंस कवर की सुविधा सालों से एम्‍पलाइ डिपाजिट लिंक्‍ड इंश्योरेंस स्‍कीम के तह‍त मिलती है। इसमें नामिनी को अधिकतम 7 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर होता है। यानी अगर कर्मचारी हादसे या किसी अन्य वजह से दुनिया को अलविदा कह देता है तो परिवार को 7 लाख रुपये बिना किसी झंझट के मिल जाते हैं। बता दें कि एम्‍प्‍लाइ डिपाजिट लिंक्‍ड इंश्‍योरेंस स्‍कीम, 1976 (EDLI Scheme) के तहत दी जाने वाली बीमा राशि की सीमा 7 लाख रुपये है।

परिवार को मिलता है आश्रित के तौर पर लाभ

पीएफ खाताधार को किसी बीमारी के चलते फिर दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाती है तो आश्रित को एक मुश्क राशि प्रदान की जाती है, जो अब 7 लाख रुपये हो गई है। ईपीएफओ बीमाधारक के नामित लाभार्थी को एकमुश्त भुगतान का प्रावधान करता है। यह लभा कंपनी और केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारी को दिया जाता है। प्रावधान के अनुसार, कर्मचारी को भुगतान अंतिम सैलरी 12 माह की बेसिक सैलरी और डीए के आधार पर किया था, लेकिन अब अब इस इंश्योरेंस कवर का क्लेम अंतिम बेसिक सैलरी के साथ डीएए 35 गुना हो गया है, जो पहले 30 गुना होता था। 

सुशांत मंडल (क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त - 2 गौतमबुद्धनगर) के मुताबिक, ई- नामिनेशन करने की प्रक्रिया लगातार चल रही है। कर्मचारी जल्द से जल्द प्रक्रिया को पूरी कर के अनावश्यक होने वाली परेशानी से बचें।

ई-नामिनी होने की स्थिति में मृत कर्मचारी की पत्नी और उसके बच्चों को लाभ मिलेगा। नामिनी की जानकारी मसलन बैंक अकाउंट नंबर पीएफ खाते के साथ ही यह लिंक हो जाता है। नए नियम के मुताबिक, कोरोना वायरस संक्रमण से होने वाली मृत्यु के मामले में भी यह लाभ परिवार को मिलता है।

गौरतलब है कि ईपीएफ ने अपने खाताधारकों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया है कि अब खाताधारक आनलाइन के जरिये किसी को अपना नामिनी बना सकते हैं। ऐसे में कर्मचारी ई-नामिनेशन जरूर करें।

Edited By: Jp Yadav