नई दिल्ली (जेएनएन)। 8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी के बाद माना जा रहा था कि नकली नोट भारतीय बाजार से चलन से गायब हो जाएंगे, लेकिन पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से भारतीय बाजार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटा हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोटों की तस्करी में दो तस्करों प्रवीण व सोनू चौधरी को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि 50 लाख रुपये मूल्य के नकली नोट भारत में खपा चुके हैं।

बिहार के रहने वाले हैं दोनों आरोपी 

सोनू और प्रवीण दोनों मूल रूप से बिहार के चंपारण के रहने वाले हैं। इनके पास से दो-दो हजार रुपये के पांच लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। बरामद नकली नोट पाकिस्तान में बने हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।

खुफिया जानकारी के पुलिस ने बिछाया था जाल

स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि 23 जून को नकली नोट की खेप के साथ रोहिणी सेक्टर-2 इलाके में एक तस्कर के आने की सूचना मिली थी। इसके बाद इंस्पेक्टर विवेकानंद पाठक और जीतेंद्र तिवारी की टीम ने प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद 27 जून को बिहार से सोनू को भी दबोच लिया गया।

दिल्ली समेत चार राज्यों में खपाया जाता है नकली नोट

नकली नोटों को बांग्लादेश से नेपाल होते हुए पश्चिम बंगाल के मालदा में लाया जाता है। बाद में उसकी आपूर्ति पूरे देश में की जाती है। सोनू मालदा से असरफ नाम के बदमाश से नकली नोट लेता था और प्रवीण सहित अन्य तस्करों के माध्यम से उसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा व बिहार में खपाया जाता था।

दिल्ली में 20 लाख रुपये मूल्य के नकली नोट

वह अब तक 50 लाख रुपये मूल्य के नकली नोट भारत में खपा चुका है। पुलिस के अनुसार, प्रवीण तीन वर्ष से तस्करी में लिप्त था। दिल्ली में अब तक करीब 20 लाख रुपये मूल्य के नकली नोट की तस्करी कर चुका है।

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Posted By: JP Yadav

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