यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'पूरा शहर कूड़े से भरा', MCD को हाईकोर्ट की फटकार; आवारा कुत्तों और बंदरों को लेकर भी सख्त टिप्पणी
MCD दिल्ली में लागातार बढ़ रहे आवारा कुत्तों और बंदरों के खतरे को देखते हुए हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की ...और पढ़ें

HighLights
- कहा- कचरे का निपटान नहीं होने के कारण हो रही आवारा कुत्तों व बंदरों की समस्या।
- आरएमएल को दिया कुत्तों को काटने के बाद इंजेक्शन लगवाने पहुंचे लोगों का आंकड़ा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों व बंदरों के बढ़ने के खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एमसीडी को आड़े हाथ लिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन व न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि एमसीडी अपना काम ठीक ढंग से नहीं कर रही है।
अदालत ने MCD को लगाई फटकार
पूरा शहर कूड़े से भरा है। अगर एमसीडी (MCD) पूरे शहर को कूड़े से भरने दे तो क्या करें? यदि आप जानवरों को खाना खिलाना बंद कर देंगे तो वे आना बंद कर देंगे। अदालत ने आवारा कुत्तों व बंदरों की बढ़ती संख्या का कारण एमसीडी अधिकारियों द्वारा कचरे का निपटान न करना बताया है।
अदालत ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल को बंदरों व कुत्तों को काटने के कारण इंजेक्शन लेने पहुंचे लोगों का पिछले तीन महीनों के आंकड़े पेश करने के निर्देश दिए। अदालत ने मामले में एमसीडी और एनडीएमसी को दो सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
मामले में 30 सितंबर को अगली सुनवाई
अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। अदालत ने अधिकारियों को यह भी बताने को कहा कि इस समस्या के लिए उनके पास क्या योजना है। अदालत ने कहा कि यहां तक की हाई कोर्ट परिसर भी बंदरों के आतंक से मुक्त नहीं है।
अदालत ने यह टिप्पणी गैरसरकारी संगठन न्याय भूमि और द सोसाइटी फॉर पब्लिक काज की दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए की। याचिकाओं में आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती संख्या का मुद्दा उठाया गया था।
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