नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली में हाल के दिनों में लूटपाट व झपटमारी की ताबड़तोड़ वारदात को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस की तरह बदमाशों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। बदमाशों की घेराबंदी की जा रही है। उनका पीछा तब तक किया जा रहा है, जब तक वे पुलिस टीम के हत्थे नहीं चढ़ जा रहे हैं। मुठभेड़ में बदमाशों की फायरिंग का जवाब भी दिया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को एनकाउंडर में 1 लाख रुपये की इनामी बदमाश पकड़ा है। एक लाख इनामी बदमाश इकबाल पर 25 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, यह एनकाउंटर शुक्रवार सुबह हुआ। इसमें सबसे पहले बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग की फिर जवाबी फायरिंग में बदमाश घायल हो गया और पुलिस ने इकबाल को दबोच लिया। 

 ढाई घंटे में दो मुठभेड़, दो कुख्यात दबोचे

इससे पहले बुधवार रात ढाई घंटे के दौरान दो जगहों पर दो गिरोहों से स्पेशल सेल की मुठभेड़ हुई। इस दौरान दो कुख्यात बदमाशों को गोलिया लगीं और उन्हें दबोच लिया गया। स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा के मुताबिक द्वारका मेट्रो स्टेशन के पास मुठभेड़ के बाद कुख्यात प्रिंस तेवतिया को गिरफ्तार किया गया। खानपुर की दुग्गल कॉलोनी का रहने वाला प्रिंस गिरोह का सरगना है। दक्षिण दिल्ली में उसका आतंक था। शादी में शरीक होने के लिए उसे हाई कोर्ट से पैरोल मिली थी। पैरोल जंप कर उसने धमकी देकर उगाही शुरू कर दी थी।

बुधवार को स्पेशल सेल को सूचना मिली कि प्रिंस तेवतिया आधी रात में साथी प्रमोद के साथ तिलक नगर मेट्रो स्टेशन के पास आने वाला है। दोनों के पास अवैध हथियार हैं। एसीपी ललित मोहन नेगी, हृदय भूषण, इंस्पेक्टर सुनील कुमार रंजन, रविंद्र जोशी व विनोद बडोला के नेतृत्व में स्पेशल सेल की टीम ने उत्तम नगर के पास घेराबंदी की। इस दौरान सफेद रंग की स्विफ्ट कार तेज रफ्तार में आती दिखी। पुलिस टीम ने रुकने का इशारा किया तो चालक ने कार की रफ्तार बढ़ा दी। पीछा करने पर बदमाशों ने द्वारका मेट्रो स्टेशन के पास फुटपाथ पर कार चढ़ा दी। इसके बाद दोनों बाहर निकल कर भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने पीछा किया तो बदमाशों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में प्रिंस तेवतिया के बाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके पास से एक पिस्टल मिली। कार की तलाशी लेने पर उसमें से भी एक पिस्टल मिली। ¨प्रस के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास के छह मामले दर्ज हैं। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया। प्रमोद भागने में कामयाब हो गया। वह राजस्थान के अलवर का रहने वाला है।

नंदू गिरोह से मिलाया था हाथ

स्पेशल सेल को पता चला था कि इन दिनों दक्षिण दिल्ली में तेवतिया व रोहित चौधरी गिरोह उगाही कर रहा है। दोनों गिराहों में वर्चस्व को लेकर झगड़ा चल रहा है। रोहित गिरोह से खुद को मजबूत करने के लिए तेवतिया ने नजफगढ़ के कुख्यात नंदू गिरोह से हाथ मिला लिया है। प्रिंस तेवतिया (29) मूलरूप से अलीगढ़ के गांव जलोकरी का रहने वाला है। उसके पिता वर्षों पूर्व दिल्ली के दक्षिणपुरी में आकर बस गए थे। उसके पिता सरकारी नौकरी में थे। दक्षिणपुरी के सरकारी स्कूल से बारहवीं पास करने के बाद प्रिंस ने चालक की नौकरी की। वह नेहरू प्लेस स्थित विराट सिनेमा की वैन चलाता था। इसके बाद वह अपराध के दलदल में घुसा।

अंबेडकर नगर में एक व्यक्ति की हत्या करने के मामले में वह चार साल जेल में रहा। वर्ष 2014 में जेल से छूटने के बाद उसने दक्षिण दिल्ली में फिर से हत्या, उगाही व लूटपाट करना शुरू कर दिया।

बदमाशों पर रखी जा रही है नजर

स्पेशल सेल दिल्ली-एनसीआर के बदमाशों को हथियारों की आपूर्ति करने वाले तस्करों, लूटपाट व झपटमारी करने वाले गिरोहों का पता लगाकर उन्हें दबोचने में जुटी हुई है। पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में हथियार तस्कर व बदमाश दबोचे गए हैं।

शातिर लुटेरा रावण गिरफ्तार

लूट के कई मामलों में फरार चल रहे शातिर बदमाश राज कुमार उर्फ रावण को स्पेशल सेल ने बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के दौरान लुटेरे के पैर में गोली लगी। उसके पास से एक पिस्टल, तीन कारतूस और एक स्कूटी बरामद की गई है। वह रोहिणी सेक्टर-3, जेजे कॉलोनी का रहने वाला है। उस पर लूट, चोरी, झपटमारी के के 18 मामले दर्ज हैं। उसके तीन भाई भी लूट और झपटमारी के कई मामलों में शामिल रहे हैं।

डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि रावण की काफी समय से तलाश की जा रही थी। दो जून को चाकू के बल पर लूट करने के मामले में वह वांछित था। उसके बाकी साथी घटना के 15 दिन बाद पकड़े गए थे। रावण की तलाश में कई जगह छापेमारी की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। लगातार प्रयास के बाद 16 अक्टूबर की रात सूचना मिली कि वह स्कूटी से रोहिणी इलाके में आने वाला है। रात करीब साढ़े नौ बजे वह स्कूटी से आता दिखा। रुकने का इशारा करने पर वह स्कूटी से भागने लगा। टीम ने पीछा किया तो उसने पिस्टल से दो राउंड फायरिंग की। एक गोली कांस्टेबल आकाश कुमार की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी। आत्मरक्षा में टीम की तरफ से चलाई गई गोली रावण के पैर में लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इलाज के लिए अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूछताछ में उसने बताया कि मौजमस्ती करने व प्रेमिका को खुश रखने के लिए पहले वह चोरी करता था। पहली बार उसे चोरी की कार के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद से वह लूटपाट भी करने लगा। उसके दो भाई जितेंद्र उर्फ जीतू, महेंद्र और सन्नी भी लूट व झपटमारी की घटनाओं में शामिल रहे हैं।

कनॉट प्लेस में एयर कमोडोर का बैग झपटा

दिल्ली पुलिस की लाख सख्ती के बावजूद झपटमारी की वारदात पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। झपटमार हाई सिक्योरिटी जोन में भी वारदात करने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामले में झपटमारों ने बृहस्पतिवार सुबह कनॉट प्लेस में एयर फोर्स के एयर कमोडोर जॉर्ज थॉमस का बैग झपट लिया। वारदात के बाद बाइक सवार मौके से फरार हो गए। कनॉट प्लेस थाना पुलिस ने एयर कोमोडोर की शिकायत पर झपटमारी की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाल झपटमारों की पहचान कर उन्हें दबोचने में जुट गई है। नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारी के मुताबिक एयर कमोडोर सुबह छह बजे बाबा खड़ग सिंह मार्ग पर साइकिल से वॉक करने निकले थे। उन्होंने एक बैग रखा हुआ था, जिसमें उन्होंने अपना मोबाइल फोन व 200 रुपये रखा हुआ था। रिबोली सिनेमा के सामने आने पर करीब 6 बजे एक झपटमार ने बैग छीन लिया। वारदात के बाद वह साथी के साथ फरार हो गया। एयर कमोडोर ने कनॉट प्लेस थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया।

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Posted By: JP Yadav

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