विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Violence: निलंबित AAP पार्षद ताहिर हुसैन पर ED का शिकंजा, केस दर्ज; PFI से संबंध का शक

By JP YadavEdited By:
Published: Wed, 11 Mar 2020 11:27 AM (IST)Updated: Wed, 11 Mar 2020 02:05 PM (IST)

Delhi Violence IB के कांस्टेबल अंकित शर्मा की हत्या समेत दिल्ली हिंसा के कई मामलों में आरोपित आम आदमी पार्टी ...और पढ़ें

Delhi Violence: निलंबित AAP पार्षद ताहिर हुसैन पर ED का शिकंजा, केस दर्ज; PFI से संबंध का शक
Delhi Violence: निलंबित AAP पार्षद ताहिर हुसैन पर ED का शिकंजा, केस दर्ज; PFI से संबंध का शक

नई दिल्ली, एएनआइ। Delhi Violence : इंटेलिजेंस ब्यूरो में तैनात कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या समेत दिल्ली हिंसा के कई मामलों में आरोपित आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन नई मुसीबत में घिरते नजर आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने निलंबित AAP पार्षद ताहिर हुसैन (Suspended AAP Councilor Tahir Hussain) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Under Prevention of Money Laundering Act) में  मामला दर्ज किया है। मिली जानकारी के मुताबिक, ताहिर हुसैन के पीएफआइ (Popular Front of India) से संबंध होने की बात भी सामने आ रही है और इसकी जांच भी तेज कर दी गई है। 

बता दें कि 24-25 फरवरी को उत्तर पू्र्वी दिल्ली में हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन पर कुल चार मामले दर्ज किए हैं, इनमें एक मामला IB के कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या का भी है। अंकित के पिता की शिकायत पर यह मामला दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया गया है। इसके अलावा, कुछ मामले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी दर्ज किए गए हैं। 

ताहिर हुसैन के घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात

पूर्वी दिल्ली में करावल नगर रोड स्थित AAP के निलंबित निगम पार्षद व दंगों के आरोपित ताहिर हुसैन के घर के बाहर अभी भी पुलिस तैनात है।

बता दें कि दिल्ली हिंसा के मामले में पुलिस ने ताहिर हुसैन के भाई मोहम्मद शाह आलम पर भी शिकंजा कसा है और उससे कई दौर की पूछताछ भी हो चुकी है। 

वहीं, दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 53 लोगों की जान जा चुकी है और 100 से अधिक घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। 

हिंसा मामले में पुलिस अब तक 1000 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है और बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। 

कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां भी जेल बंद हैं, उन्हें हिंसा के दौरान लोगों को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।