नई दिल्ली[संजीव गुप्ता]। लगातार बढ़ते प्रदूषण से दिल्लीवासियों को भी अब इलेक्ट्रिक वाहनों में बेहतर विकल्प नजर आ रहा है। जन जागरूकता बढ़ने से वह ऐसे वाहनों की खरीदारी भी खूब कर रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 13 नवंबर, 2018 तक देश भर में कुल 2,58,795 ई वाहन बिके हैं। आपको जानकर यह खुशी होगी कि इन वाहनों की खरीद में दिल्ली पांचवें स्थान के साथ टॉप 5 शहरों में शामिल है।

सबसे पहले महाराष्‍ट्र
सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट (सीएसई) / डाउन टू अर्थ डेटा सेंटर द्वारा तैयार रिपोर्ट के अनुसार 33,472 ई वाहनों की खरीद के साथ महाराष्ट्र पहले, 31,230 वाहनों के साथ गुजरात दूसरे, 25,727 वाहनों के साथ उत्तर प्रदेश तीसरे, 23,124 वाहनों के साथ हरियाणा चौथे और 19,329 वाहनों के साथ दिल्ली पांचवें स्थान पर है।

टॉप 10 शहरों का आकलन
इस रिपोर्ट के अनुसार अब अगर इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को लेकर टॉप 10 शहरों का आकलन किया जाए तो 16,568 ई वाहनों की खरीद के साथ तमिलनाडु छठे, 15,372 वाहनों के साथ राजस्थान सातवें, 14,129 वाहनों के साथ पश्चिम बंगाल आठवें, 13,237 वाहनों के साथ कर्नाटक नौवें और 8,943 वाहनों के साथ तेलंगाना दसवें नंबर पर है।

बिहार सबसे पीछे
विडंबना यह कि पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर जैसे शहर इन वाहनों की खरीद में अभी काफी पीछे हैं। हाल ही में दिल्ली सरकार ने अपनी ई-वाहन पॉलिसी का ड्राफ्ट भी जारी किया है।

22,000 हजार सब्‍सिडी की घोषणा
इसके तहत दो पहिया वाहनों पर भी 22 हजार रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की गई है। इससे ई वाहनों की बिक्री में और इजाफा होने की संभावना है। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत का भी कहना है कि ई-वाहन आज समय की मांग ही नहीं बल्कि जरूरत भी है। शुद्ध हवा में सांस लेने के लिए ऐसे वाहनों को प्रोत्साहन देना ही होगा। इससे पर्यावरण की ही नहीं, हमारी खुद की सेहत भी बेहतर हो सकेगी।

ई-वाहनों से हुए फायदे पर एक नजर

  • अब तक ईंधन बचत : 3,59,42,318 लीटर
  • प्रतिदिन ईधन की बचत : 52,243 लीटर
  • कार्बन डाइऑक्साइड में कमी : 8,98,03,835 किलोग्राम
  • प्रतिदिन कार्बन डाइऑक्साइड की कमी : 1,29518 किलोग्राम

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