नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए DDA) द्वारा पार्क में दशहरा(Dasheraa) व रामलीला (Ramleela)समारोह ही अनुमति नहीं देने के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court)ने दो साेसाइटियों को राहत दी है। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा की पीठ ने त्रि नगर(Tree Nagar) और कीर्ति नगर(Kirti Nagar) में दो अलग-अलग पार्कों में दोनों सोसाइटियों को दशहरा और रामलीला समारोह आयोजित करने की अनुमति देते हुए कहा कि सभी सुरक्षा मानदंडों का पालन करने का निर्देश दिया है।

याचिका में दोनों सोसाइटियों ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से डीडीए की अनुमति से इन पार्कों में रामलीला और दशहरा समारोह आयोजित कर रहे हैं, लेकिन इस बार अनुमति नहीं दे रहे हैं।सोसायटियों की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि उन्होंने 25 अगस्त को अनुमति के लिए आवेदन किया था लेकिन डीडीए ने उनके अनुरोध का जवाब नहीं दिया।

पीठ ने सुनवाई के दौरान उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए निर्णय के बाद 22 अगस्त को डीडीए द्वारा जारी कार्यालय आदेश का अवलोकन किया। इसमें निर्णय लिया गया था कि छह सितंबर से 15 अक्टूबर तक इन साइट को केवल इन समितियों के लिए आरक्षित किया गया था, ताकि किसी अन्य आयोजन समिति द्वारा आनलाइन मोड के माध्यम से किसी अन्य सामाजिक और सांस्कृतिक समारोह के लिए बुक नहीं किया जा सके।

पीठ ने श्री केशव धार्मिक रामलीला समिति को 24 सितंबर से 5 अक्टूबर तक त्रि नगर में कन्हैया नगर मेट्रो स्टेशन के पास महर्षि दयानंद पार्क (नेपाल वाला बाग) में रामलीला और दशहरा समारोह आयोजित करने की अनुमति दी। वहीं, आस्था रामलीला समिति को डॉ. हेडगेवार पार्क (टंकी वाला पार्क), कीर्ति नगर में सरस्वती गार्डन आयोजन करने की अनुमति दी। डीडीए के वकील ने कहा कि दिल्ली में सार्वजनिक पार्कों का इस्तेमाल शादी, रामलीला या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता है।

दोनों समितियों की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने दिल्ली धार्मिक महासंघ द्वारा प्रस्तुत एक सूची दिखाई। इसमें याचिकाकर्ता समितियों के नाम थे और डीडीए के कार्यालय आदेश को भी रिकार्ड पर पेश किया।इस पर पीठ ने कहा कि डीडीए के कार्यालय आदेश के मद्देनजर दोनों समितियों को संबंधित पार्कों में सभी शर्ताें व नियमों का पालन करने की शर्त के साथ रामलीला और दशहरा समारोह आयोजित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari