नई दिल्ली, संजीव कुमार मिश्रा। दिल्ली विश्वविद्यालय के 12 कॉलेजों में वेतन संबंधी मसले पर बुधवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के बयान की शिक्षकों ने निंदा की है। डीयू के नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) और इंडियन नेशनल टीचर कांग्रेस ने जारी अपने बयान में कहा कि वेतन नहीं मिलने से शिक्षक परेशान हैं। एनडीटीएफ ने कहा कि किसी भी तरह से छात्रों के फंड का इस्तेमाल कर्मचारियों को वेतन देने के उद्देश्य से नहीं किया जा सकता है।

सरकार का यह कर्तव्य वेतन, अन्य भत्ते और चिकित्सा बिल आदि का भुगतान करे 

सरकार का यह कर्तव्य है कि वह कर्मचारियों को वेतन, अन्य भत्ते और चिकित्सा बिल आदि का भुगतान करे और बुनियादी ढांचे के नए और रखरखाव के लिए अनुदान प्रदान करे। छात्रों के लिए जारी अनुदान सिर्फ छात्रों की गतिविधियों के लिए हैं। इंडियन नेशनल टीचर कांग्रेस ने बिना अधिक देरी और बहाने के 12 दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित कॉलेजों को धनराशि जारी करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री ने मिलने का समय नहीं दिया

डूटा अध्यक्ष राजिब रे ने दावा किया कि हड़ताल का पहला दिन सफल रहा। डूटा ने 16 से 18 सितंबर तक हड़ताल का आह्वान किया है। राजिब रे ने कहा कि हम शिक्षकों के मसले पर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे। हमारी मीटिंग भी तय थी लेकिन ऐन वक्त पर बैठक रद कर दी गई।

उपमुख्यमंत्री के बयान पर जताई आपत्ति 

उपमुख्यमंत्री के बयान पर भी डूटा अध्यक्ष ने आपत्ति जताई। कहा कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाते हैं। वित्तीय प्रबंधन से उनका सरोकार नहीं होता। इसलिए दिल्ली सरकार को तत्काल शिक्षकों का वेतन जारी करना चाहिए। हड़ताल अगामी दो दिन भी जारी रहेगी।

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