नोएडा [कुंदन तिवारी]। एनसीआर में मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है, लेकिन नोएडा इस बार भी बारिश को झेलने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। एक फिर से नोएडा का बारिश में तालाब बनाना तय है। प्राधिकरण अधिकारियों की ओर से बार-बार दावा किया जा रहा है कि उनकी तैयारियां पूरी है, लेकिन यह गलत साबित हो रहा है।

इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक शहर की नालियों की सफाई का काम पूरा नहीं हो सका है। 30 जून तक पूरे होने वाले काम को एक सप्ताह आगे बढ़ाकर सात जुलाई कर दिया गया है। भूखंडों के बाहर बने रैंप को अभी तक तोड़ने का काम ही शुरू नहीं हो सका है। इसका असर बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव के रूप में देखने को मिल सकता है।

नोटिस देकर भूला प्राधिकरण
सेक्टर-12 के शिमला पार्क वाली सड़क पर घरों के बाहर ऊंचे-ऊंचे रैंप बने है, इन्हें तोड़कर नालियों की सफाई मई में की जानी थी, मध्य मई में 30 आवंटियों को प्राधिकरण की ओर से नोटिस जारी किया गया था। एक सप्ताह का समय दिया था कि रैंप को खुद तोड़ दें, लेकिन आज तक न तो आवंटियों ने रैंप तोड़ा और न ही प्राधिकरण ने रैंप तोड़ने की जहमत उठाई।

तमाम दावों के बाद भी हुआ था जलभराव
विगत वर्ष में तमाम प्रयासों के बाद भी सेक्टर-16ए, सेक्टर-12, ग्रामीण इलाकों हरौला, बरौला में घरों के अंदर तक पानी भर गया था। वजह नालियों का चोक होना था। इस बार भी कमोवेश यही स्थिति है। सेक्टर-12 के ए से लेकर जेड ब्लाक तक हालत खराब है। एक दिन यहां जेसीबी लेकर प्राधिकरण अधिकारी पहुंचे, लेकिन रैंप तोड़ने का काम नहीं हुआ।

प्राधिकरण के पास नहीं सुपर सॉकर मशीन
करोड़ों रुपये सफाई में खर्च करने वाली प्राधिकरण के पास सुपर सॉकर मशीन नहीं है। इस मशीन के जरिये बिना रैंप तोड़े ही नालियों की सफाई की जा सकती है। यही नहीं बारिश के दौरान अंडरपास में जलभराव की समस्या पर इसी मशीन का सहारा लेकर जलभराव को खत्म किया जा सकता है। हालांकि प्राधिकरण दावा कर रहा है कि उसके पास पर्याप्त 70 मोटर हैं, जो अंडरपास में जलभराव से निपटने के लिए लगाई गई हैं। ऐसे में अंडरपास में होने वाले जलभराव की समस्या से निटपने के लिए अबतक पहल ही नहीं की गई है। ऐसे में यहां जलभराव का संकट होना लाजमी है।

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Posted By: Mangal Yadav