नई दिल्ली [राहुल चौहान] । नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट पोस्ट ग्रेजुएट (नीट पीजी) की काउंसलिंग में देरी को लेकर प्रदर्शन कर रहे रेजिडेंट डाक्टरों की मांग यदि जल्दी नहीं मानी गईं तो वह पूरी तरह से हड़ताल पर चले जाएंगे। सोमवार को हुई बैठक में डाक्टरों ने अगले तीन-चार दिनों तक सांकेतिक प्रदर्शन कर विरोध जताने का निर्णय लिया है। इससे पहले ‌देशभर में रेजिडेंट डाक्टरों ने पिछले सप्ताह विरोध प्रदर्शन किया था।

मामले में फेडरेशन आफ रेजिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के अध्यक्ष डा. मनीष ने कहा कि बैठक में निर्णय लिया गया है कि अगले तीन-चार दिनों तक हाथों में काली पट्टी बांध कर या अन्य तरीके से विरोध किया जाएगा। इसके बाद भी यदि हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो डाक्टर पूरी तरह से हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान केवल आपातकालीन सेवाएं ही दी जाएंगी। उल्लेखनीय है कि डाक्टरों की हड़ताल के बाद वरिष्ठ डाक्टरों पर मरीजों को देखने का भार बढ़ गया है। इससे मरीजों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में कैंसर का इलाज करा रहे विजय भाटी ने बताया कि कई बार डाक्टरों की हड़ताल से दिक्कत हुई है और समय पर भी इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं, शाहदरा से स्थानीय निवासी रोहित बंसल ने बताया कि उनके पिता का भी इलाज दिल्ली के अस्पताल से चल रहा है। लेकिन हड़ताल होते ही इलाज में मुश्किल होगी। सुबह दिन निकलते ही अस्पताल में लंबी कतार लग जाती है और शाम तक नंबर आना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पूरा दिन अस्पताल में ही बर्बाद हो जाता है। 

Edited By: Pradeep Chauhan