नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। नए आइटी नियमों का अनुपालन न करके बार-बार भ्रमित करने वाला हलफनामा दाखिल करने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बार फिर ट्विटर को फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि दाखिल किए गए हलफनामे से हम संतुष्ट नहीं हैं। सीईओ व स्थानीय शिकायत अधिकारी की नियुक्ति के संबंध में पहले आपने अंतरिम शब्द का प्रयोग किया और अब आकस्मिक शब्द का कर रहे हैं। आखिर ये क्या है। हम नहीं जानते कंपनी क्या चाहती है, अगर आप जवाब दाखिल करना चाहते हैं तो दिल से करिए। पीठ ने कहा कि यह कतई बर्दाश्त नहीं है कि आप आइटी नियमों का पूरा अनुपालन नहीं कर रहे हैं। उक्त टिप्पणी करते हुए पीठ ने ट्विटर को एक सप्ताह के अंदर स्पष्ट हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी।

ट्विटर की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता साजन पूवैया ने पीठ के रुख को देखते हुए कहा कि स्पष्ट शब्दों व पारदर्शी तरीके से नया हलफनामा दाखिल किया जाएगा। याचिकाकर्ता अमित आचार्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान उन्होंने पीठ को बताया कि मुख्य शिकायत अधिकारी व स्थानीय शिकायत अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई है और यह भी स्पष्ट किया गया है कि हम अंतरिम शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इस पर पीठ ने कहा कि पहले आपने अंतरिम शब्द का इस्तेमाल किया और अब आकस्मिक का कर रहे हैं, आखिर अब यह क्या है। पुवैया ने जवाब में कहा कि क्याेंकि ट्विटर देश से बाहर है और कंपनी इसी शब्द का इस्तेमाल करती है।

पीठ ने कहा कि इससे ऐसा आभास होता है कि उसके कर्तव्य कुछ आकस्मिकताओं पर आधारित हैं। पुवैया ने जवाब दिया कि हम संवैधानिक पीठ के समक्ष हैं और अगर अनुपालन नहीं करते हैं तो हम अवमानना में होंगे। पीठ द्वारा नोडल अधिकारी की नियुक्ति के संबंध में पूछे जाने पर पुवैया ने कहा कि नियम के तहत जो मुख्य शिकायत अधिकारी या शिकायत अधिकारी होगा वह नोडल अधिकारी नहीं हो सकता है। इस पर पीठ ने सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी खुद कह रहा है कि वह कर्मचारी नहीं है। पीठ ने कहा कि यह सीईओ का मामला है, इसमें कुछ तो गंभीरता होनी चाहिए।

सुनवाई के दाैरान केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सालिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि बार-बार नए आइटी नियमों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से ट्विटर 90 लाख यूएस डालर की कमाई कर रही है।

Edited By: Prateek Kumar