नई दिल्ली [अरविंद द्विवेदी]। सरोजनी नगर मार्केट में अवैध रूप से लगने वाली रेहड़ी-पटरी दुकानों व बाडी वेंडरों के कारण ग्राहकों से लेकर यहां के दुकानदारों तक को परेशानी हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि इन लोगों की वजह से उनकी दुकानदारी तो प्रभावित हो ही रही है, मार्केट में कोरोना दिशानिर्देशों का पालन भी नहीं हो रहा है। इससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। वहीं, इस बारे में एनडीएमसी के प्रवर्तन विभाग के अधिकारी का कहना है कि अवैध दुकानों को हटाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है लेकिन वे दोबारा दुकानें खोलकर बैठ जाते हैं।

वहीं, दक्षिण-पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि सरोजनी नगर मार्केट की नोडल सिविल एजेंसी एनडीएमसी है। फिलहाल उनकी ओर से किसी अभियान के लिए पुलिस बल की मांग नहीं की गई है। हालांकि त्योहारों के मद्देनजर बाजारों में काफी भीड़ हो रही है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी आती हैं। हाल ही में महिला पुलिसकर्मियों ने बाजार में आपरेशन सतर्क चलाया है। अक्सर यह शिकायत भी मिलती है कि कुछ दुकानदार अपनी दुकान के सामने अवैध रूप से वेंडर्स को बैठाते हैं। इससे लोगों को परेशानी होती है।

सरोजनी नगर मिनी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने बताया कि पिछले दिनों आए हाइकोर्ट के निर्देश के मुताबिक 60 से 80 वेंडर्स को मार्केट में दुकान लगाने की अनुमति दी जा सकती है लेकिन इसके बावजूद मार्केट में करीब एक हजार वेंडर्स अवैध रूप से या तो दुकान लगा रहे हैं या फिर बाडी वेंडर के तौर पर काम कर रहे हैं।

ऐसे में कोरोना दिशानिर्देशों का पालन कर पाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है इसलिए मार्केट में दिशानिर्देशों का पालन पूरी तरह से सुनिश्चित कराया जाना चाहिए। अशोक रंधावा ने बताया कि मार्केट की भीड़ को नियंत्रित कराने व कोरोना दिशानिर्देशों का पालन कराने के लिए उन्होंने एसडीएम वसंत विहार को पत्र लिखकर मार्केट में सिविल डिफेंस वालेंटियर तैनात करने की मांग की है।

Edited By: Prateek Kumar