नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। विकास के लिए बाजारों के चयन को लेकर गठित समिति ने खारी बावली व नया बाजार का स्थलीय निरीक्षण किया। समिति के सदस्य दोनों बाजारों की समस्याओं से रूबरू हुए। व्यापारी प्रतिनिधियों ने भी बाजारों की ऐतिहासिकता और महत्व का हवाला देते हुए बाजारों के विकास की मांग पुरजोर ढंग से रखीं।

समिति के समक्ष इन्होंने रखीं मांगें

समिति के अध्यक्ष व दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलेपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (डीटीटीडीसी) के मुख्य परियोजना प्रबंधक पवन कुमार, स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट (एसपीए) के प्रभजोत सिंह, चैंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआइ) के चेयरमैन बृजेश गोयल व विशेष आमंत्रित सदस्य शिल्पी वर्मा समेत अन्य अधिकारी व व्यापारी प्रतिनिधि शामिल रहे। व्यापारी प्रतिनिधियों में भारतीय उद्योग व व्यापार मंडल, दिल्ली के महासचिव हेमंत गुप्ता, तिलक बाजार केमिकल मार्केट के पूर्व प्रधान प्रदीप गुप्ता, सीटीआइ के महासचिव विष्णु भार्गव, खारी बावली के महासचिव ललित, पदाधिकारी विजय गुप्ता मास्टर, केमिकल मार्केट के बाबी बंसल समेत अन्य मौजूद रहे।

निष्पक्ष तरीके से होगा चयन

समिति ने व्यापारी प्रतिनिधियों से रिपोर्ट बनाकर सौंपने को कहा। इस मौके पर सीटीआइ के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि उनका भी खारी बावली से लगाव है। वह भी चाहते हैं कि इस बाजार का विकास हो, पर समिति निष्पक्ष तरीके से सभी बाजारों की दावेदारी को परखेगी, फिर विकास के लिए चयनित किए जाने वाले पांच बाजारों के नाम पर निर्णय लेगी। बृजेश गोयल ने कहा कि बाजारों में समिति इसलिए आ रहीं है और बाजार संगठनों के पदाधिकारियों से मुलाकात कर रही है, क्योंकि इस परियोजना को लेकर उनकी गंभीरता का अंदाजा लगे। बाजारों के विकास में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है। इसे लेकर सरकार और बाजार समितियों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होंगे। उन्होंने कहा कि पहले चरण में जिन बाजारों का नाम न आए तो उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। हर साल सरकार इस तरह बाजारों का विकास करेगी। उनका भी नंबर आएगा।

गिनाईं ये समस्याएं

  • सार्वजनिक शौचालयों का अभाव, एक भी महिला शौचालय नहीं
  • सीवर लाइनें जर्जर, बारिश के दिनों में पानी दुकानों में भर जाता है।
  • लटकते तार में अक्सर शार्टसर्किट से आग लगने की घटनाएं होती हैं।
  • गंदगी की समस्या है, सफाई नियमित तौर पर नहीं होती है।

कारोबारी प्रतिनिधियों ने मजबूती से रखी दावेदारी

इस मौके पर खारी बावली, तिलक बाजार और नया बाजार के कारोबारी प्रतिनिधियों ने मजबूती से इन बाजारों को विकसित करने को लेकर दावेदारी रखी। उन्होंने कहा कि सरकार को सबसे अधिक राजस्व देने के साथ यहां दिल्लीभर व देशभर से खरीदार आते हैं। यहां के दुकानदार भी दिल्ली के विभिन्न भागों और एनसीआर में रहते हैं। उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो इससे सरकार की छवि पर असर पड़ेगा।

Edited By: Prateek Kumar