नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। होटल और साप्ताहिक बाजारों को खोलने के दिल्ली सरकार का आदेश उपराज्पाल द्वारा पलटने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार उपराज्यपाल (एलजी) द्वारा राजधानी के साप्ताहिक बाजारों व होटलों को क्यों बंद करा रही है, जबकि अन्य राज्यों में कोरोना के ज्यादा मरीज के बावजूद साप्ताहिक बाजार खोल दिए गए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने होटल व साप्ताहिक बाजार खोलने का निर्णय लिया तो एलजी ने इस निर्णय को पलट दिया।

कोरोना के मामलों  में दिल्ली 11वें स्थान पर 

सिसोदिया ने अपने पत्र में कहा कि दिल्ली इस समय कोरोना के मामलों में दिल्ली 11 वें स्थान पर है, पिछले एक महीने में स्थिति यहां काफी नियंत्रण में रही है और अब सामान्य होने की दिशा में बढ़ रही है। ऐसे समय में जब पूरे देश में होटल व साप्ताहिक बाजार खुले हैं, यहां तक कि जिन राज्यों में कोरोना के ज्यादा मामले आ रहे हैं (जैसे उत्तर प्रदेश, कर्नाटक) वहां होटल व साप्ताहिक बाजार खुले हैं। ऐसे में दिल्ली में होटल व साप्ताहिक बाजार बंद रखकर केंद्र सरकार क्या हासिल करना चाहती है? जिस राज्य ने कोरोना नियंत्रण में बेहतर काम किया है वहां कारोबार बंद रखने के लिए क्यों बाध्य किया जा रहा है।

पांच लाख परिवार चार महीने से घर बैठे हुए हैं

सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली का आठ फीसद कारोबार व रोजगार होटल न खुलने की वजह से ठप पड़ा है। साप्ताहिक बाजार बंद रहने से 5 लाख परिवार चार महीने से घर पर बैठे हैं, जबकि इन्हें आशा बंधी थी कि कोरोना नियंत्रण में होने से अब कारोबार शुरू करने का अवसर मिलेगा। साप्ताहिक बाजार बंद रखना दिल्ली की अर्थव्यवस्था के साथ व लाखों लोगों की आशा के साथ अन्याय है।

फैसले को बदलने की अपील

सिसोदिया ने अपने पत्र में आग्रह किया है कि आप इस फैसले को बदलें और एलजी को तुरंत मुख्यमंत्री का प्रस्ताव मंजूर करने के निर्देश दें। दिल्ली सरकार मंगलवार को एलजी के पास इसकी फाइल पुन: भेजेगी। उन्होंने कहा कि आप एलजी को कहें कि वे इसे अब न रोकें। दिल्ली का कारोबारी अपना काम शुरू करेगा तभी अर्थव्यवस्था सुधरेगी। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि आप तुरंत संज्ञान लेकर होटल व्यवसाइयों व साप्ताहिक बाजार कारोबारियों के पक्ष में उचित निर्देश जारी करेंगे।

Posted By: Prateek Kumar

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