यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Master Plan 2041: बन गई अगले 20 सालों के दौरान दिल्ली के विकास की रूपरेखा
Delhi Master Plan 2041 डीडीए अधिकारियों के मुताबिक नए मास्टर प्लान में दिल्ली के अविकसित और अनाधिकृत इलाकों में भी ...और पढ़ें

नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। लंबे इंतजार के बाद अंतत: इस सप्ताह भविष्य की दिल्ली का खाका जनता के सामने होगा। मास्टर प्लान 2041 के रूप में अगले 20 सालों के दौरान दिल्ली के विकास की जो रूपरेखा तैयार की गई है, उसे राज्यपाल अब केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने भी अपनी स्वीकृति दे दी है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से मंत्रालय को लगभग पांच सौ पृष्ठों का ड्राफ्ट भेजा गया था, जिसे शुक्रवार को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को डीडीए कार्यालय को सौंप दिया गया है। डीडीए का योजना विभाग मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को हिंदी और अंग्रेजी दोनों अनुवादों में अंतिम रूप दे रहा है और इसी सप्ताह (संभवतया दो से तीन दिन में) मास्टर प्लान 2041 का यह ड्राफ्ट जनता की आपत्तियों और सुझावों के लिए डीडीए की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।
दिल्ली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक मास्टर प्लान 2041 को दो खंडों में बांटा गया है। पहला पर्यावरण और दूसरा खंड अर्थव्यवस्था पर आधारित है। इसके अलावा तार्किंग योजना, प्लेटफार्म इकोनॉमी, असंगठित क्षेत्र की अर्थव्यवस्था एवं डिजिटल ढांचागत विकास की योजनाओं को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। डीडीए के अनुसार यह मास्टर प्लान अभी तक का सबसे बेहतर प्लान होगा। इसमें पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों, विरासत, आश्रय, गतिशीलता व सामाजिक और भौतिक संरचना के लिए सेक्टर वाइज नीतियां बनाई गई हैं।
अविकसित क्षेत्र में भी स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
डीडीए अधिकारियों के मुताबिक नए मास्टर प्लान में दिल्ली के अविकसित और अनाधिकृत इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए मास्टर प्लान के पूर्व नियमों में भी कुछ बदलाव किया जाएगा। मास्टर प्लान 2041 के लिए बनाए गए प्राथमिकता स्केल में स्वास्थ्य सेवाओं को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए न सिर्फ शहरी क्षेत्र बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को बुनियादी स्तर पर बढ़ावा देना है। दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में आयुर्वेदिक, नेचुरोपैथी एवं अन्य प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा दिए जाने का भी प्रविधान किया गया है।
