नई दिल्ली, जेएनएन। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने स्थानीय निकायों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि वे प्रदूषण को कम करने के प्रयासों में तेजी लाएं। इस दिशा में आ रही जन शिकायतों को भी अविलंब दूर करें। साथ ही स्थानीय निकायों से यह भी कहा गया है कि वे जल्द सोशल मीडिया पर आएं और जनता से सीधे बात करें।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ही सीपीसीबी को निर्देश दिया था कि वह उन सभी जिम्मेदार एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराएं जो वायु प्रदूषण कम करने के मुद्दे पर लापरवाही बरत रहे हैं। इसी दिशा में मंगलवार को सीपीसीबी ने नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम, पूर्वी दिल्ली नगर निगम, दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और दिल्ली विकास प्राधिकरण के अलावा दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कहा है कि वे अविलंब सोशल मीडिया पर आएं ताकि लोग प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें उन तक सीधे पहुंचा सकें।

साथ ही इन शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई की भी जानकारी दें। पिछले हफ्ते भी सीपीसीबी ने जनशिकायतों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक बैठक में यही निर्देश जारी किए थे, लेकिन इन पर कोई अमल नहीं हुआ। सीपीसीबी के अनुसार, समीर एप पर मिल रही शिकायतों पर भी समुचित कार्रवाई नहीं की जा रही है।

गौरतलब है कि सीपीसीबी ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी थी कि दिल्ली-एनसीआर में सोशल मीडिया और ई-मेल पर स्थानीय निकायों को 749 शिकायतें मिली हैं। इनमें से सिर्फ 500 पर ही कार्रवाई हुई है। यह स्टेटस 22 नवंबर तक का है।

बताया गया कि क्लीन एयर कैंपेन एक से 10 नवंबर तक चला था, वहां सीपीसीबी की 52 टीमों ने 67 फीसद यानी 500 शिकायतों का समाधान किया था। सबसे अधिक शिकायतें निर्माण कार्य की आ रही हैं। इसके बाद खुले में कचरा जलाने, सड़क की धूल, कच्ची सड़कें, ट्रैफिक जाम और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं की आ रही हैं।

सीपीसीबी के अनुसार, अब तक 18 नोडल एजेंसियों ने ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी सीपीसीबी को दी हैं। इनमें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, डीएमआरसी, डीडीए, गुरुग्राम नगर निगम, उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली की तीनों एमसीडी शामिल हैं।

Posted By: JP Yadav

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