नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Weather Update: पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते दिल्ली तक पहुंच रही बर्फीली हवा के कारण मंगलवार को भी ठंड और ठिठुरन का दौर जारी रहा। हालांकि दिनभर धूप भी खिली रही, लेकिन ठंड कम नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड में इजाफा होगा।

मंगलवार को अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री रहा जो कि इस मौसम का सामान्य तापमान है। मालूम हो कि सोमवार को अधिकतम तापमान 23.3 और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस हिसाब से मंगलवार को तापमान में आंशिक वृद्धि देखने को मिली। हवा में नमी का स्तर 37 से 97 फीसद रहा।

मौसम विभाग का अनुमान है कि इस पूरे सप्ताह सुबह के समय हल्का या मध्यम स्तर का कोहरा देखने को मिल सकता है। जहां तक बुधवार का पूर्वानुमान है तो आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 23 और 8 डिग्री रहने की संभावना है।

बिजली की मांग पहुंच सकती है 4700 मेगावाट

राजधानी में इस बार सर्दी के मौसम में बिजली की अधिकतम मांग 47 सौ मेगावाट तक पहुंच सकती है। पिछली सर्दी में अधिकतम मांग 45 सौ मेगावाट के आसपास रही थी। बिजली की मांग पूरी करने के लिए बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने तैयारी शुरू कर दी है। इन दिनों बिजली की अधिकतम मांग 35 सौ मेगावाट के आसपास है। दिसंबर और जनवरी में भी बिजली की मांग ज्यादा रहती है। दिल्ली में बिजली वितरण करने वाली बांबे सबअर्बन इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई (बीएसईएस) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) का दावा है कि सर्दी के मौसम में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए तैयारी कर ली गई है। डिस्कॉम अधिकारियों का कहना है कि लंबी अवधि के बिजली खरीद समझौते के तहत पर्याप्त मात्र में बिजली मिलेगी। पॉवर बैंकिंग प्रणाली के तहत भी बिजली उपलब्ध होगी। इसके बावजूद, अगर किसी कारणवश अचानक बिजली की मांग बढ़ती है, तो पावर एक्सचेंज से शॉर्ट-टर्म आधार पर बिजली की खरीद की जाएगी। पावर बैंकिंग प्रणाली में दूसरे राज्यों को पहले दी गई बिजली जरूरत के हिसाब से वापस ली जाती है।

इस बार दिल्ली को मुख्य तौर पर दादरी 1 व 2 बिजली संयंत्र, बवाना गैस आधारित संयंत्र, सलाल हाइड्रो स्टेशन, सिंगरौली संयंत्र, रिहंद संयंत्र, सासन और दामोदर घाटी निगम बिजली संयंत्र से बिजली मिलेगी। बीएसईएस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक से बिजली की मांग का पूर्वानुमान लगा लिया जाता है।

कुछ दिनों बाद पड़ेगा कोहरा

कुछ दिन बाद से राजधानी में कोहरा पड़ना शुरू हो जाएगा। लेकिन, राजधानी की सड़कें हादसों से निपटने को तैयार नहीं हैं। सेंट्रल दिल्ली में तो व्यवस्था दुरुस्त नजर आती है, लेकिन दिल्ली के बाहरी इलाकों में सड़कों के कुछ हिस्से वाहन चालकों के लिए साक्षात यमराज बने हुए हैं। कहीं फुटपाथ टूटा है तो कहीं डिवाइडर। हालात यहां तक खराब हैं कि बीच सड़क पर हाईमास्ट लाइट का खंभा खड़ा हुआ है जो रात के अलावा दिन में भी किसी भी वाहन चालक के लिए काल बन सकता है।

यमुनापार की सड़कों पर कोहरे के दौरान हादसे होना लगभग तय है। शाहदरा जीटी रोड को यमुनापार का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सीलमपुर और शास्त्री पार्क में फ्लाईओवर बना रहा है। जीटी रोड स्थित सीलमपुर में फुटपाथ को निर्माण कार्य के चलते तोड़ दिया गया है। ऐसे में जो हाईमास्ट लाइट का खंभा फुटपाथ पर लगा था, वह सड़क पर आ गया है। कोहरे में सड़क के बीच का खंभा यदि दिखाई नहीं दिया तो यह कई लोगों की मौत का कारण बन सकता है।

Posted By: JP Yadav

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