नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Police Violence: उत्तर-पूर्वी जिले में पिछले महीने 24-25 फरवरी को भड़के सांप्रदायिक दंगे में गिरफ्तार किए गए सात आरोपितों को कड़कड़डूमा स्थित महानगर दंडाधिकारी विजयश्री राठौर की कोर्ट ने राहत देते हुए जमानत दे दी है।

20,000 के निजी मुचलके पर मिली बेल

कोर्ट ने सातों आरोपितों मोहम्मद अरमान, शाकिर, दिलशाद, जाकिब, भूरे खान, राजी और शाबिर को 20 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। कोर्ट ने आरोपितों को समानता के सिद्धांत के आधार पर जमानत दी, क्योंकि मामले में पहले ही दो आरोपितों को जमानत मिल चुकी है।

सरकार की ओर पेश वकील ने किया बेल का विरोध

कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से आरोपितों की जमानत अर्जी का यह कहकर विरोध किया गया कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक दौर में है। साथ ही इन पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं।

बचाव पक्ष ने लगाया झूठे केस लादने का आरोप

वहीं, आरोपितों की ओर से पेश उनके वकील अब्दुल गफ्फार ने बहस के दौरान तर्क देते हुए कोर्ट में कहा कि पुलिस की ओर से सातों आरोपितों पर दंगे के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप झूठे हैं। उनकी ओर से सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया।

28 फरवरी से सभी थे न्यायिक हिरासत में

दरअसल, दंगे के दौरान उत्तर-पूर्वी जिले के दयालपुर थाना क्षेत्रसे पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ दंगा भड़काने, गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। 28 फरवरी को कोर्ट ने आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

दंगों से 50 से ज्यादा लोगों की गई जान

गौरतलब है कि 24-25 फरवरी को उत्तर-पूर्वी जिले में सांप्रदायिक दंगे के दौरान 24 और 25 फरवरी को 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और करीब 400 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। 

Posted By: JP Yadav

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