नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। सीएए और एनआरसी के विरोध में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भीषण दंगे के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं पूरी सुनियोजित थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दिल्ली आते ही देशद्रोह के आरोपित जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद ने समुदाय विशेष के लोगों के साथ बैठक कर साजिश रच दंगे कराना शुरू कर दिया था।

चांदबाग में हुए दंगे से एक दिन पहले उसने आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के साथ बैठक कर साजिश रची थी। ताहिर ने एक दिन पहले खजूरी खास थाने में जमा अपनी लाइसेंसी पिस्टल भी ले आया था, जिसका इस्तेमाल उसने दंगे में किया। उमर खालिद व ताहिर हुसेन दंगे के मास्टरमाइंड निकले।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुए दंगों के दो मामलों में मंगलवार को क्राइम ब्रांच द्वारा दायर किए गए आरोप पत्र में उक्त तथ्यों का जिक्र किया गया है। दंगों के दौरान 53 लोगों की हत्या की गई थी। हत्या के उक्त 53 मामले समेत छह अन्य मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच में तीन एसआइटी का गठन किया गया था। उन्हीं में दो मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट में आरोप पत्र दायर किए गए। हवलदार दीपक दहिया पर दंगे के दौरान पिस्टल तानने वाले ड्रग तस्कर शाहरुख पठान मामले में क्राइम ब्रांच पहले ही आरोप पत्र दायर कर चुकी है।

यह था मैसेज

  • घर में गर्म खौलते हुए पानी और तेल का इंतजाम करें।
  • बिल्डिंग की सीढ़ियों पर तेल, शैंपू या सर्फ डाल दें।
  • लाल मिर्च गर्म पानी में या पाउडर के रूप में प्रयोग करें।
  • दरवाजों को मजबूत करें, जल्द से जल्द ग्रिल या लोहे के गेट लगवाएं।
  • तेजाब की बोतलें घर में रखें।
  • बालकनी व छत पर ईंट और पत्थर रखें।
  • कार व बाइक से पेट्रोल निकाल कर रखें।
  • लोहे के दरवाजों में स्विच से करंट का इस्तेमाल करें।
  • एक इमारत से दूसरी इमारत में जाने के लिए रास्ते का इंतजाम करें।
  • बिल्डिंग के सारे मर्द हजरात एक साथ इमारत ना छोडें, कुछ लोग महिला सुरक्षा के लिए रुकें।

 

Posted By: Mangal Yadav

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