नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्‍ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में भड़की सीएए विरोधी हिंसा में चार दिनों काफी नुकसान हुआ है। दर्जनों गाड़ियों और कई घरों को आग के हवाले करने का दर्दनाक मंजर सामने आया। तस्‍वीरें ऐसी हैं कि देख कर रूह कांप जाए। बुधवार तक कुल 27 लोगों की मौत हो चुकी है। 250 लोग जख्मी हैं। हिंसा के 3 दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से शांति-भाईचारे की अपील की। वहीं, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर लोगों से शांति की अपील की। इसके अलावा उन्‍होंने सेना तैनात करने की बात की। इधर, एनएसए अजीत डोभाल ने भी कई लोगों से बातचीत कर शांति और सुरक्षा में सहयोग की बात कही। इधर, दिल्ली पुलिस ने बताया कि अब तक 18 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 100 से ज्‍यादा लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

छिटपुट घटनाओं के अलावा रही शांति

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों बुधवार को छुटपुट घटनाओं को छोड़कर लगभग शांति रही। तीन दिनों तक चली हिंसा पर नियंत्रण पाने के लिए देर रात राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल खुद मैदान में उतर गए। इससे पहले दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर कर दिए गए। इसका परिणाम बुधवार को सामने आ गया। उपद्रवी सड़कों से नदारद दिखाई दिए। पूरे जिले में इक्का-दुक्का जगह को छोड़कर कहीं कोई बड़ी हिंसा की खबर नहीं मिली, अलबत्ता जिले में तनाव लगातार बरकरार है।

दिल्ली पुलिस ने कहा- हमें 112 पर दें सूचना

दिल्ली पुलिस ने हिंसा पर कहा कि हमारे पास सीसीटीवी फुटेज है। हम इसकी मदद से शरारती तत्वों की पहचान कर रहे हें। वहीं ड्रोन से भी हिंसा फैलाने वालों की पहचान हो रही है। हमने ड्रोन की मदद से ऐसी छतों को चिन्हित किया है, जहां से पत्थरबाजी की गई। इसके साथ ही दिल्‍ली पुलिस ने अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। हेल्पलाइन नंबर 112 पर घटना की सूचना देने की बात कही है। इसके साथ ही कहा कि उपद्रव करने की कोशिश करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीएम ने कहा गृहमंत्री को लिखेंगे पत्र

सीएम ने कहा स्थिति चिंताजनक है। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए तमाम कोशिशें कीं, लेकिन वो नाकाम रही। हिंसा प्रभावित इलाकों में सेना तैनात की जाए और कर्फ्यू लगाया जाए। उन्‍होंने गृहमंत्री अमित शाह को को पत्र लिखने की बात कही।

 

मरने वालों की संख्‍या बढ़ कर हुई 27

उपद्रव के दौरान हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बुधवार शाम को 27 पहुंच गई। वहीं 250 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें दो सौ से ज्यादा जीटीबी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें 30 की हालत नाजुक बताई जा रही है। जीटीबी अस्‍पताल के चिकित्सा अधीक्षक सुनील कुमार ने एएनआइ को बताया कि इलाज के दौरान तीन लोगों ने दम तोड़ दिया है। इस कारण मरने वालों की संख्‍या 27 हो गई है।

SC ने पुलिस को फटकारा 

सीएए विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा, भड़काऊ बयानों और इस पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में अलग-अलग सुनवाई हुई। शाहीन बाग मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली के मौजूदा हालात पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्‍त टिप्पणी की। शीर्ष अदालत ने हिंसा में मारे गए लोगों को लेकर दिल्‍ली पुलिस को कटघरे में खड़ा किया। कहा- पुलिस ने पेशेवर तरीके से कार्रवाई नहीं की।

HC ने भी पुलिस को फटकारा

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा और भड़काऊ बयान देने वाले नेताओं पर कार्रवाई के लिए दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने पूछा- क्या हिंसा भड़काने वालों पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज करना जरूरी नहीं है? जब भी हिंसा हो तो रोकने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने की जरूरत है। दिल्ली में एक और 1984 नहीं होना चाहिए। बता दें कि दिल्‍ली में 1984 को एक सिख दंगा हुआ था जिसका नजारा भी काफी भयावह था। 

नाले में बरामद हुआ आइबी के जवान का शव

मरने वालों में आइबी के एक जवान भी शामिल हैं। चांद बाग पुलिया पर दंगाइयों ने उनकी हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया था। बुधवार को उनका शव बरामद हुआ। उनकी पहचान अकित शर्मा निवासी खजूरी के रूप में हुई है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मंदीप रंधावा ने बताया कि अब तक कुल 18 एफआइआर दर्ज की गई हैं और 106 दंगाइयों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अजीत डोभाल ने संभाल रखा है मोर्चा

मंगलवार रात को अजित डोभाल खुद हालात का जायजा लेने के लिए मैदान में उतर गए। इसके बाद दिल्ली पुलिस के सभी बड़े अधिकारियों ने यहां डेरा डाल दिया। अर्धसैनिक बलों की 40 अतिरिक्त कंपनियों को जिले में तैनात किया गया। इसके बाद भी बुधवार सुबह गोकलपुरी स्थित टायर मार्केट में एक दुकान को दंगाइयों ने आग के हवाले कर दिया। इसके साथ बृजपुरी इलाके में एक वाहन जलाने की घटना हुई। इन घटनाओं को छोड़कर अन्य जगहों पर शांति रही।

कई सड़कों पर यातायात सामान्‍य

अजित डोभाल ने भी हालात पूरी तरह से नियंत्रण में होने का दावा किया। बुधवार को वजीराबाद रोड, जाफराबाद रोड, चांद बाग से दयालपुर की तरफ जाने वाले रोड को पूरी तरह से खोल दिया गया। हालांकि वाहनों का दबाव कम ही रहा। इससे पहले मंगलवार रात शिव विहार, चमन पार्क और बृजपुरी रोड में दंगाइयों ने खूब आतंक मचाया।

शिव विहार में 50 से अधिक दुकानें खाक

शिव विहार के पास खजूरी खास के ई और सी ब्लॉक में 50 से अधिक दुकानें, घर व फैक्ट्री को आग के हवाले कर दिया गया। बृजपुरी रोड पर अरुण मॉर्डन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चमन पार्क में राजधानी पब्लिक स्कूल व डीआरपी पब्लिक स्कूल के अलावा कई धार्मिक स्थलों, मकानों, दुकानों, फैक्ट्रियों को आग के हवाले कर दिया। शिव विहार तिराहे के पास स्थित दो निजी पार्किंग में दंगाइयों ने सौ से ज्यादा कारों को आग के हवाले कर दिया। यहां के हालात इतने खराब थे कि मदद के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बल भी नहीं पहुंच गए। बुधवार दोपहर तक यहां आग बुझाने के लिए दमकल के वाहन पहुंच पाए। दरअसल हिंसा के दौरान दंगाइयों ने सड़कें भी बंद कर दी थी। इसकी वजह से दिक्कत हुई।

इन इलाकों में रही तैनाती

ब्रह्मपुरी रोड, घोंडा चौक, नूरे-ए-इलाही चौक, यमुना विहार करावल नगर रोड, बृजपुरी रोड, शिव विहार तिराहा, मुस्तफाबाद, मौजपुर, जाफराबाद, सीलमपुर, ज्योति नगर, मौजपुर, गोकलपुरी, कर्दमपुरी, चांद बाग, सुदामापुरी, दुर्गापुरी चौक, वेलकम आदि इलाकों में भी पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बल के जवान काफी संख्या में तैनात थे।

अब तक का नुकसान

पिछले चार दिनों में आठ सौ से अधिक दुकानों और मकानों में आगजनी व लूटपाट की घटनाएं हुईं। इस ङ्क्षहसा में दो हजार से अधिक वाहनों के जलने का अनुमान है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक बार स्थिति पर नियंत्रण होने के नुकसान का आंकलन किया जाएगा।

 

Posted By: Prateek Kumar

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