नई दिल्ली [राहुल मानव]। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) द्वारा एक जुलाई 2020 से ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा को आयोजित करने का फैसला लिया है। इसके विरोध में बुधवार को दिन भर सोशल मीडिया पर हैशटैग - 'डीयू विद सॉल्यूशन' के साथ छात्रों ने अभियान चला। इसका मकसद रहा है कि डीयू प्रशासन छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले करें।

डीयू शिक्षक संघ भी हुआ शामिल

इस अभियान में डीयू शिक्षक संघ समेत डीयू छात्र संघ के प्रतिनिधि एवं विभिन्न छात्र संगठन भी शामिल हुए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने सोशल मीडिया पर छात्रों के हितों को लेकर कई पोस्ट भी की। इसमें यह कहा गया कि डीयू के घर छात्र के पास 4जी की इंटरनेट व्यवस्था नहीं है। सोशल मीडिया पर भी यह अभियान टॉप ट्रेंड में रहा।

नौ लाख छात्र हैं कुल

डूसू अध्यक्ष अक्षित दाहिया ने दावा करते हुए कहा कि डीयू में अभी मौजूदा समय में स्नातक एवं पीजी व अन्य पाठ्यक्रम के नियमित व स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) और नॉन कॉलेजियट वूमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसिवेब) सब मिलाकर नौ लाख छात्र हैं। जिसमें से करीब साढ़े तीन लाख छात्र अंतिम वर्ष के छात्र हैं। इनमें से कई छात्र दिल्ली से बाहर के राज्यों के दूरदराज इलाकों में अभी रह रहे हैं। इन सभी के पास एक समान इंटरनेट की कनेक्टिविटी संभव नहीं है। ऐसे में अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए सभी प्रकार के विकल्प सेमेस्टर परीक्षा को लेकर तलाशें जाएं।

आइसा ने भी ऑनलाइन परीक्षा का किया विरोध

वहीं सोशल मीडिया पर वामपंथी छात्र संगठन आइसा समेत अन्य छात्र संगठनों ने भी ऑनलाइन परीक्षा को लेकर विरोध किया। साथ ही यह मांग भी कि की इस वर्ष सभी शिक्षण संस्थानों में पाठ्यक्रमों की फीस को ना बढ़ाया जाए।

वेबिनार में हुआ आयोजन

इसके अलावा डीयू शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों समेत डूसू के सदस्यों व डीयू के अन्य शिक्षकों ने बुधवार को ऑनलाइन परीक्षा के मामले में वेबिनार का आयोजन किया। इसमें छात्रों के हितों में डीयू को उचित निर्णय लेने की मांग की।

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Posted By: Prateek Kumar

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