नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने सोमवार को नेहरू प्लेस स्थित डीटीसी बस टर्मिनल में राजधानी के पहले सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्लाजा की आधारशिला रखी और यहां एक सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। यह ईवी चार्जिंग प्लाजा एक हजार वर्गमीटर जमीन में कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) की सहायता से बनाया जा रहा है। इसे एक माह में तैयार करके लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। कैलाश गहलोत ने कहा कि हम दिल्ली को पूरी दुनिया का ईवी कैपटल बनाना चाहते हैं इसलिए इनोवेटिव चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवी ईकोसिस्टम विकसित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

दिल्ली की ईवी पालिसी पूरे देश में सबसे अच्छी पालिसी है। पिछले साल ईवी पालिसी के लांच होने के बाद से दिल्ली में 17 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। हम 100 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के अलावा परिवहन विभाग की 20 और साइटें शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। राजधानी में हर दो-तीन किलोमीटर पर एक चार्जिंग स्टेशन बना दिए जाएं तो ई-मोबिलिटी को अपनाने में आसानी होगी। इस दौरान सीईएसएल की एमडी व सीईओ महुआ आचार्य व डीजीएम एन मोहन समेत डीटीसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि सीईएसएल और डीटीसी ने सात सितंबर को एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था। इसके माध्यम से दिल्ली सरकार सौर रूफटॉप और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) के एकीकरण के माध्यम से अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के साथ ही कार्बन फुटप्रिंट कम करने का भी प्रयास कर रही है। सीईएसएल डीटीसी के द्वारका सेक्टर- 8 व सेक्टर- 2 डिपो, महरौली टर्मिनल, नेहरू प्लेस टर्मिनल, ओखला सीडब्ल्यू-2, सुखदेव विहार और कालकाजी डिपो में चार महीने के भीतर चार्जिंग इकाइयां लगाएगी।  

यह भी जानें

  •   सीईएसएल डीटीसी के सहयोग से सात डीटीसी टर्मिनलों और डिपो में ईवी चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन बना रही है।
  •  प्रत्येक स्टेशन में कुल छह चार्जिंग प्वाइंट होंगे। तीन दोपहिया-तिपहिया वाहनों के लिए होंगे और तीन पर चार पहिया वाहन चार्ज होंगे।
  •  ये स्टेशन लोकेशन व अपनी रीयल टाइम स्थिति और चार्जिंग प्वाइंट की उपलब्धता की जानकारियों के साथ दिल्ली सरकार के वन दिल्ली ऐप व इलेक्ट्रिफाइ ऐप पर उपलब्ध होंगे। - स्टेशन पर आकर अपने वाहन में नोजल गन फिट करने के बाद मशीन पर लगे बारकोड को मोबाइल पर स्कैन करने के बाद चार्जिंग शुरू होगी।
  •   वाहन चार्ज होने के बाद ऐप की वालेट, डेबिट-क्रेडिट कार्ड या फिर अन्य किसी ई-पेमेंट सिस्टम से भुगतान करने के बाद ही नोजल गन डिस्कनेक्ट होगी।
  •  अभी चार्जिंग की दर निर्धारित नहीं की गई है लेकिन अफसरों का कहना है करीब 10 रुपये
  •  फास्ट चार्जिंग मशीन पर एक वाहन 40 मिनट से लेकर 90 मिनट में फुल चार्ज हो जाएगा।

Edited By: Mangal Yadav