नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। प्रशांत विहार इलाके में रहने वाली किशोरी ने पढ़ाई के लिए पिता के डांटने से घर छोड़कर चली गई। गुमशुदगी दर्ज होने पर बुध विहार थाने के पुलिस कर्मियों ने उसे फरीदाबाद में खोज निकाला और उसे उसके माता पिता को सौंप दिया।

जानकारी के अनुसार रोहिणी इलाके में रहने वाले उदय दास ने 13 अक्टूबर को प्रशांत विहार थाने में अपनी 13 वर्षीय बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी रितु दास अपराह्न तीन बजे बिना बताए घर से कहीं चली गई है। उन्होंने बेटी के अपहरण किये जाने की भी आशंका जाहिर की।

नौवीं कक्षा की छात्रा है किशोरी: प्रशांत विहार थाने में अपहरण की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया और किशोरी का पता लगाने के लिए आसपास के थाना पुलिस को भी जिम्मेदारी दी गई। रोहिणी जिले के डीसीपी प्रणव तायल ने बताया कि किशोरी को ढूंढने के लिए जिले में अलग अलग टीमें बनाई गईं। इनमें एक टीम बुध विहार थाने के एसएचओ खेमेंद्र पाल के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल मासूम, महिला कांस्टेबल पूनम की टीम ने अपने स्तर से किशोरी को खोजना शुरू किया। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।

किशोरी के दोस्तों से पूछताछ की गई। उसके रिश्तेदारों के बारे में जानकारी जुटाई। रेलवे स्टेशनों, व बस अड्डों पर भी उसकी तलाश की गई। इन प्रयासों का नतीजा यह हुआ कि किशोरी के फरीदाबाद में घूमते हुए पाये जाने की सूचना मिली। इसके बाद तुरंत वहां पुलिस की टीम पहुंच गई और उसे सकुशल बरामद कर लिया।

पूछताछ में उसने बताया कि उसके पिता ने पढ़ाई पर गंभीरता से ध्यान नहीं देने के लिए डांट दिया था। जिससे वह खुद को काफी आहत महसूस कर रही थी। ऐसे में उसने कभी नहीं लौटने के फैसले के साथ घर से निकल गई थी। बहरहाल, पुलिस ने किशोरी व उसके पिता की काउंसलिंग कराई है।

Edited By: Pradeep Chauhan