नई दिल्ली [आशीष गुप्ता]। दिल्ली दंगे के दौरान शास्त्री पार्क इलाके में घर व दुकानें जलाने के कई मामलों में एक आरोपित के नाबालिग होने की पुष्टि हो गई है। जिसके बाद कड़कड़डूमा कोर्ट ने उसकी सुनवाई को बाकी आरोपितों से अलग करते हुए मामलों को किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया है। पुलिस को निर्देश दिया है कि नाबालिग से जुड़ा आरोपपत्र किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश करे।

गत वर्ष 24 व 25 फरवरी को दंगे के दौरान शास्त्री पार्क में कुछ लोगों के घर व दुकानें जलाई गई थीं। उस मामले में एक लड़के को गिरफ्तार किया गया था। उसके स्वजन दावा कर रहे थे कि वह नाबालिग है। उसके मामलों में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव के कोर्ट ने किशोर न्याय बोर्ड से जांच कराई थी, जिसमें पाया गया कि आरोपित घटना के वक्त नाबालिग था। इस रिपोर्ट के बाद इस कोर्ट ने नाबालिग की सुनवाई को बाकी आरोपितों से अलग कर दिया है। उसके मामले में किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया है। साथ ही नाबालिग को जेल से संप्रेक्षण गृह भेजने का निर्देश दिया है।

एटीएम कार्ड बदलकर खाते से उड़ाते थे रुपये

वहीं पश्चिमी दिल्ली में एटीएम कार्ड बदलकर दूसरे के खाते से पैसे उड़ाने के एक मामले में ख्याला थाना पुलिस ने दो आरोपितों अक्षय व सुमित को दबोचा है। पुलिस को आरोपितों की एक महीने से तलाश थी। आरोपित पुलिस को चकमा देकर दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों में घूमते रहे, लेकिन अंत में पुलिस दोनों तक पहुंच गई। आरोपितों के कब्जे से पुलिस ने एटीएम कार्ड की क्लोन में इस्तेमाल किए जाने वाला उपकरण बरामद किया है। आशंका है कि इस उपकरण की मदद से कार्ड क्लोन कर आरोपितों ने कई लोगों के खाते से पैसे उड़ाए हैं।

Kala Jatheri: 30 कत्ल, सात लाख का इनाम, पांच राज्यों में आतंक, पढ़िए काला जठेड़ी गिरोह की करतूतें

 

Edited By: Prateek Kumar