नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली दंगे के दौरान खजूरी खास इलाके में हुई घटनाओं के दो मामलों में कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव के कोर्ट ने चार आरोपितों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। धार्मिक स्थल पर आगजनी, मकानों और दुकानों में तोड़फोड़ करने के साथ लूटपाट के मामले में आरोपित प्रशांत मल्होत्रा उर्फ गोलू और गौरव उर्फ कमल पर आरोप तय किए हैं। वहीं दो लोगों पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपित शाहरुख और अमन उर्फ सूर्या के खिलाफ आरोप तय हुए हैं।

गत वर्ष 24 फरवरी को खजूरी खास थाना क्षेत्र में भजनपुरा के पास धार्मिक स्थल में आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया था। आरोपपत्र में दावा किया गया था कि आरोपित गौरव ने पेट्रोल बम से धार्मिक स्थल में आग लगाई थी, जबकि आरोपित प्रशांत मल्होत्रा ने उसी क्षेत्र में दुकानों, मकानों और वाहनों में तोड़फोड़ और लूटपाट की।

इस मामले में सीडीआर लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों पर दंगा करने, घातक हथियारों का इस्तेमाल करने, गैर कानूनी समूह में शामिल होने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आग लगाने, लूटपाट करने समेत कई आरोप तय किए हैं।

वहीं दूसरे मामले में पिछले साल 24 फरवरी को खजूरी खास पुलिस बूथ के पास पुश्ता रोड पर राजेश कुमार और वेदांत मिश्रा पर जानलेवा हमला हुआ था। कोर्ट ने इस मामले में आरोपित शाहरुख और अमन के खिलाफ हत्या के प्रयास करने, गैर इरादतन जानलेवा हमला करने, सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने समेत कई आरोप तय किए हैं। कोर्ट ने बचाव पक्ष की उस दलील को तर्कपूर्ण माना, जिसमें कहा गया था कि आरोपितों की पहचान के लिए पुलिस द्वारा अपनाया गया तरीका कानून के मुताबिक नहीं है।

Edited By: Mangal Yadav