नई दिल्ली [आशीष गुप्ता]। दिल्ली दंगे के मुख्य आरोपित एवं आप के पार्षद रहे ताहिर हुसैन को जमानत के लिए इंतजार करना होगा। शुक्रवार को कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव की कोर्ट में उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने कहा कि उसके पास फिलहाल वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई के लिए व्यवस्था नहीं है। वहीं दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में आकर शारीरिक रूप से पेश होने पर असमर्थता जताई। अब इस सुनवाई को 24 अप्रैल तक टाल दिया गया है। वहीं इस कोर्ट ने दंगे के दो मामले में दो आरोपितों को जमानत दी है।

दयालपुर इलाके में हिंसा के मामले में ताहिर पर गंभीर आरोप

गत वर्ष 25 फरवरी को दयालपुर इलाके में ताहिर हुसैन के घर की छत से प्रिंस बंसल पर गोली चलाई गई थी। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में आरोपित ताहिर हुसैन ने फरवरी में जमानत के लिए अर्जी दायर की थी। अब तक पांच तारीखें लग चुकी हैं। वह इसके अलावा कई अन्य मामलों में आरोपित है।

दंगे में आरोपित सोनू को मिली जमानत

बता दें कि दंगे में नाम आने के बाद से ताहिर हुसैन को आप ने निलंबित कर दिया था। इसी कोर्ट ने दंगे के दौरान खजूरी खास इलाके में लूटपाट, उपद्रव और आगजनी के एक मामले में आरोपित सोनू सिंह को जमानत दी है। उसे एक ही एफआइआर में 24 और 25 फरवरी के तीन अलग-अलग मामलों में आरोपित बनाया गया था। इसके अलावा खजूरी खास इलाके में लूटपाट और आगजनी के एक अन्य मामले में आरोपित इसरार अहमद को जमानत मिली है। बता दें कि दिल्ली में बीते साल 2020 के फरवरी महीने में सीएए एवं एनआरसी को लेकर केंद्र सरकार का विरोध शुरू हुआ था जिसके बाद यह दंगे में तब्दील हो गया था। इसमें कई लोगों की मौत हुई थी एवं काफी लोग जख्मी हुए थे।

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