नई दिल्ली, जागरण संवाददाता/एएनआइ। Delhi Pollution 2019 Report:  दिवाली के बाद लगातार गंभीर प्रदूषण से जूझ रहे दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों लोगों को बुधवार को बड़ी राहत मिली। दिवाली के बाद पहली बार ऐसा मौका आया है जब वायु गुणवत्ता स्तर 200 से नीचे आया है। आनंद विहार में प्रदूषण का स्तर (Air Quality Index) 194 मापा गया। इसके अलावा दिलशाद गार्डन में एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) 148 दर्ज किया गया।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) के मुताबिक, दिल्ली के लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 का स्तर 279 तो पीएम 10 का स्तर 250 रहा, जिसे खराब श्रेणी में ही माना जाता है। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि बुधवार को दिन चढ़ने के साथ प्रदूषण में इजाफा हो सकता है। वहीं, बुधवार को स्कूल खूले, ज्यादातर बच्चों को मास्क लगाकर स्कूल जाते देखा गया।

हवा चली तो प्रदूषण घटा

मौसम में कुछ सुधार होने और हवा की गति बढ़ने से दिल्ली-एनसीआर में आठ दिनों से लगातार गंभीर श्रेणी में चल रहा प्रदूषण गिरकर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। दिन भर धूप खिली रही और आसमान भी अपेक्षाकृत साफ नजर आया। हालांकि पृथ्वी विज्ञान मंत्रलय के अधीन वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था सफर के मुताबिक अभी लोगों को सुबह-शाम सैर नहीं ही करने की सलाह दी गई है।

सफर के अनुसार, वायु प्रदूषण अब भी बहुत खराब श्रेणी में चल रहा है। बुधवार को इसमें दोबारा इजाफा हो सकता है। हालांकि बृहस्पतिवार से प्रदूषण में वापस गिरावट होने लगेगी। प्रदूषण के कम होने की वजह हवा की गति एवं दिशा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय हवा पश्चिम दिशा से आ रही हैं, जो अपेक्षाकृत साफ हैं। इनकी गति भी 20-25 किमी. प्रति घंटा है। यह हवा दिल्ली में आ रहे पराली के धुएं को रोकने का काम कर रही है।

सीपीसीबी के एयर बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स (एक्यूआइ) 324 रहा। फरीदाबाद में यह 300, गाजियाबाद में 346, ग्रेटर नोएडा में 340, गुरुग्राम में 316 और नोएडा में 351 रहा। इस श्रेणी की हवा को बहुत खराब माना जाता है।

वहीं,  दिलशाद गार्डन स्थित मानव व्यवहार व संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) में मंगलवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़कर फिर घट गया। दोपहर करीब 12:00 बजे यहां इंडेक्स 315 तक पहुंच गया था। लेकिन शाम होते-होते यह 97 तक आ गया, जोकि मंगलवार को दिल्ली में सबसे कम रहा। एक दिन पहले यहां इंडेक्स 86 मापा गया था, जो दिल्ली में सबसे कम था।

इहबास के निदेशक डॉ. निमेष जी देसाई ने बताया कि दोपहर में इंडेक्स बढ़ने के बाद हमने परिसर की जांच करवाई तो पता चला कि दो जगहों पर सूखे पत्तों में आग लगाई गई थी। इसकी वजह से भी इंडेक्स बढ़ सकता है, लेकिन इतना अंतर अप्रत्याशित है। हम इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इंडेक्स इतना कैसे बढ़ गया। हालांकि शाम करीब पांच बजे यह आंकड़ा 97 तक आ गया था। उनका कहना है कि पूरे दिन का आंकड़ा भी दिल्ली में सबसे कम ही रहा। संस्थान अपने क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने को लेकर तवज्जो दे रहा है।

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Posted By: JP Yadav

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