नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में हुए सांप्रदायिक दंगा मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कड़कड़डूमा कोर्ट में ड्यूटी मजिस्ट्रेट ऋचा परिहार की कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। कोर्ट 16 जून को चार्जशीट पर संज्ञान लेगी। क्राइम ब्रांच ने एक चार्जशीट चांद बाग इलाके से संबंधित जबकि दूसरी चार्जशीट जाफराबाद दंगा के मामले में दाखिल की गई है। 

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुए दंगों के दो मामलों में मंगलवार को क्राइम ब्रांच द्वारा दायर किए गए आरोप पत्र में कई तथ्यों का जिक्र किया गया है। दंगों के दौरान 53 लोगों की हत्या की गई थी। हत्या के उक्त 53 मामले समेत छह अन्य मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच में तीन एसआइटी का गठन किया गया था। उन्हीं में दो मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट में आरोप पत्र दायर किए गए। हवलदार दीपक दहिया पर दंगे के दौरान पिस्टल तानने वाले ड्रग तस्कर शाहरूख पठान मामले में क्राइम ब्रांच पहले आरोप पत्र दायर कर चुकी है।

जांच से पता चला कि दंगे की गहरी साजिश रची गई थी। इस मामले में जेएनयू की छात्रा नताशा नरवाल और देवांगना कालिता को भी आरोपित बनाया गया है। नताशा और देवांगना दोनों का संबंध पिंजरा तोड़ संगठन से है। जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास दंगे की साजिश में दोनों शामिल थीं। इसके अलावा उमर खालिद द्वारा बनाए गए ग्रुप इंडिया अगेंस्ट हेट समूह में भी ये दोनों सक्रिय थी। एक आरोपित के वॉट्सऐप चैट में कुछ मैसेज मिले। उक्त मैसेज में दंगे के दौरान महिलाओं को क्या करना है, इस बारे में बताया गया था।

ताहिर हुसैन के मकान की छत से ईंट, पत्थर, कांच की बोतलें, जिनमें तेजाब भरे थे और बोतल की गर्दन पर कपड़े के टुकड़ों भरे हुए थे। छत से कुछ और भी ऐसी आपत्तिजनक वस्तुएं मिली, जो क्षेत्र में दंगे भड़काने में ताहिर हुसैन के साजिश में शामिल होने की ओर इशारा करती हैं।

 

Posted By: Mangal Yadav

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