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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

AIMIM के प्रत्याशी ताहिर हुसैन को दिल्ली हाईकोर्ट ने नामांकन के लिए दी कस्टडी पैरोल, लेकिन सामने रखी ये शर्तें

Published: Tue, 14 Jan 2025 07:17 PM (IST)Updated: Tue, 14 Jan 2025 11:08 PM (IST)

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के प्रत्याशी ताहिर हुसैन को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने नामांकन के ...और पढ़ें

ताहिर हुसैन दिल्ली दंगा के मुख्य साजिशकर्ता व मास्टरमांड, न दी जाए अंतरिम जमानत: पुलिस
ताहिर हुसैन दिल्ली दंगा के मुख्य साजिशकर्ता व मास्टरमांड, न दी जाए अंतरिम जमानत: पुलिस

HighLights

  1. मोबाइल, लैंडलाइन या इंटरनेट का नहीं कर सकेंगे इस्तेमाल, मीडिया से बात करने पर भी लगाई रोक।
  2. दिल्ली पुलिस ने अंतरिम जमानत याचिका का किया था जोरदार विरोध।

विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम, AIMIM) पार्टी के नेता ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) को सशर्त कस्टडी पैरोल दे दी है। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने आदेश दिया कि संबंधित तिथि पर नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले और बाद की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए सुविधा प्रदान की जाए। साथ ही निर्देश दिया कि इस हुसैन को मोबाइल, लैंडलाइन या इंटरनेट की सुविधा नहीं दी जाएगी।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि नामांकन प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों के अलावा किसी भी व्यक्ति से ताहिर को बातचीत की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि हुसैन मीडिया से बात नहीं करेंगे।

ये भी रखी शर्त

इसके अलावा नामांकन के दौरान उनके परिवार के सदस्य उपस्थित रह सकते हैं, लेकिन उन्हें नामांकन दाखिल करने की तस्वीरें खींचने या इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने की अनुमति नहीं होगी।

दिल्ली पुलिस ने जमानत का किया विरोध

मामले में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश हुए एडिशनल सालिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने अंतरिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए  कहा कि ताहिर हुसैन पर दिल्ली दंगा का मास्टरमाइंड (Delhi Riots Mastermind) होने के साथ मुख्य साजिशकर्ता होने का गंभीर आरोप है। उन्होंने ने कहा कि मामले की जांच अहम चरण में है और ताहिर को अंतरिम जमानत पर रिहा करने से न सिर्फ जांच प्रभावित हो सकती है, बल्कि गवाहों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

मुकर चुके हैं चार गवाह

एएसजी ने कहा कि मामले में चार गवाह पहले ही मुकर चुके हैं और जांच अहम चरण में है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना मौलिक अधिकार नहीं है और नामांकन दाखिल करने और बैंक खाते खोलने के लिए ताहिर को कस्टडी पैरोल दी जा सकती है।

ओवैसी की पार्टी ने दिया टिकट

ताहिर को असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्टी ने मुस्तफाबाद से टिकट दिया है। ताहिर की तरफ से पेश हुईं वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जान ने नामांकन दाखिल करने और चुनाव प्रचार के लिए 16 जनवरी से नौ फरवरी तक अंतरिम जमानत की मांग की। दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले से जुड़ी अंतरिम जमानत याचिका भी हाईकोर्ट (Delhi high Court) के समक्ष लंबित है।