नई दिल्ली, जेएनएन। यदि आप तेज आवाज में या देर रात संगीत या लाउडस्पीकर बजाते हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि अब दिल्ली पुलिस को डेसिबल मीटर से लैस किया जा रहा है। इसकी मदद और जीपीएस लोकेशन के आधार पर पुलिस ध्वनि प्रदूषण और उसके स्‍त्रोत को पहचान लेगी। इसके बाद शोर-शराबा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दीपावली से पहले मिल जाएगी मशीन

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक यह उपकरण दिवाली से पहले पुलिस को मिल जाने की उम्मीद है। इससे पटाखों से होने वाले शोर पर भी लगाम लगाई जा सकेगी।

अभी मैनुअली होती है जांच

दरअसल शोर शराबे की शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचकर मैनुअली जांच करती है जबकि इस दौरान पुलिस के आने की सूचना मिलते ही तेज डीजे और लाउड स्पीकर बजाने वाले उसकी आवाज कम कर देते हैं जिसके कारण आरोपित पर कार्रवाई करने में मुश्किल होती है।

95 हजार से ज्‍यादा लोगों ने की ध्‍वनि प्रदूष्‍ण की शिकायत

गत वर्ष दिल्ली पुलिस को ध्वनि प्रदूषण फैलाने से संबंधित 95,236 शिकायतें मिली थीं। वहीं इस वर्ष 15 सितंबर तक इसकी 56,480 शिकायतें पुलिस के पास आ चुकी हैं लेकिन साक्ष्य के अभाव में ज्यादातर पर कार्रवाई नहीं हो पाई है।

जीपीएस लोकेशन के आधार पर होगी फाइन

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डेसिबल मीटर पुलिस के लिए बड़े काम की चीज साबित हो सकती है क्योंकि इससे जीपीएस लोकेशन के आधार पर दूर से ही आवाज की तीव्रता और स्नोत दोनों का पता आसानी से लगाया जा सकता है। इस डिवाइस के काम करने के बाद पुलिस दूर से ही कार्रवाई कर सकती है।

दो लाख रुपये की है कीमत

उन्होंने बताया कि बेहद उन्नत तकनीक से बने डेसिबल मीटर की कीमत करीब 2.25 लाख रुपये है। यह लैटिट्यूड (अक्षांश) और लॉन्गिट्यूड (देशांतर) दोनों बताने में सक्षम है। पुलिस की कोशिश है कि सभी थानों में कम से कम एक डेसिबल मीटर जरूर हो ताकि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई की जा सके।

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Posted By: Prateek Kumar

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