नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Sharjeel Imam: देशद्रोह के आरोपित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के शोध छात्र शरजील इमाम को बुधवार को पटना से विमान से दिल्ली लाया गया। साकेत कोर्ट स्थित पटियाला हाउस कोर्ट के चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के घर पर शाम छह बजे पेश कर पेश किया गया। अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। शरजील इमाम से जेएनयू व जामिया मिल्लिया में हुई हिंसा के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।

वेशभूषा बदल कर मस्‍जिद में छिपा था शरजील इमाम

बिहार के जहानाबाद स्थित उसके काको गांव के मलिक टोला से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह वेशभूषा बदलकर मस्जिद में छिपकर रह रहा था। उसे बुधवार को कड़ी सुरक्षा में दिल्ली लाया गया। दोपहर 12.15 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल एक पर उतरने के बाद उसे बाहर निकालने में क्राइम ब्रांच को काफी परेशानी आई। शुरू में शरजील को कॉमन निकासी द्वार से बाहर लाने की योजना थी, लेकिन मीडिया की भीड़ को देखकर उसे काफी देर तक एयरपोर्ट के अंदर ही रोक कर रखा गया। फिर भी मीडिया के नहीं हटने पर किसी गोपनीय रास्ते से बाहर निकाला गया।

मीडिया से दूर रखा गया 

किसी अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद उसे साकेत कोर्ट में पेश किया जाना था, लेकिन, मीडिया की भीड़ को देखते हुए पटियाला हाउस कोर्ट के चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) के सामने पेश करने का निर्णय लिया गया। यहां भी जमावड़ा देख शाम छह बजे सीएमएम के साकेत कोर्ट कॉम्पलेक्स स्थित घर पर ही पेश करने का निर्णय लिया गया।

शरजील को हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया

डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश देव का कहना है कि शरजील को फिलहाल हाई रिस्क की श्रेणी में रखा गया है। उसके खिलाफ पर्याप्त सुबूत मिल चुके हैं। सबसे बड़ा सुबूत इसके एक दर्जन से अधिक वीडियो हैं जिनमें वह समुदाय विशेष के छात्रों व लोगों को सरकार के खिलाफ जंग करने के लिए भड़का रहा है।

जेएनयू हिंसा में मौजूद होने का शक

क्राइम ब्रांच को शक है कि शरजील तीन व पांच जनवरी को जेएनयू में भी मौजूद था। अगर उसकी उपस्थिति का पता लग जाएगा तब जेएनयू मामले में भी आरोपित बनाया जाएगा।

वकीलों ने भी किया विरोध

शरजील को पटियाला हाउस अदालत में पेश किया जाना था। वह केंद्रीय सुरक्षा बलों के अलावा दिल्ली पुलिस की टुकड़ी भी तैनात की गई थी, लेकिन माहौल बेहद तनावपूर्ण था और वकील भी शरजील का विरोध कर रहे थे। वकीलों ने शरजील को गद्दार बताते हुए पोस्टर भी दिखाए। इसलिए पुलिस ने रणनीति बदल दी।

पीएफआइ से संबंधों पर भी होगी पूछताछ

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक शरजील से पीएफआइ से उसके संबंधों समेत तमाम मुद्दों पर पूछताछ की जाएगी। पूछा जाएगा कि बीते 13 दिसंबर को वह जामिया कब और किन लोगों के साथ पहुंचा, वहां क्या भाषण दिया? 15 जनवरी को शाहीनबाग के एक वीडियो में वह आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के साथ नजर आया था। वहां उसने क्या भाषण दिया था? क्या धरने की पूरी योजना उसी ने बनाई थी, किसने सहयोग किया था?

किस-किस से है पहचान यह हो रही पड़ताल

पीएफआइ के किन-किन पदाधिकारियों से और कब से जान पहचान है? किस तरह का सहयोग मिल रहा है। देशभर में सीएए विरोधी प्रदर्शनों व रैलियों में वह भड़काऊ भाषण क्यों दे रहा है? शाहीन बाग में सड़क जाम करने की योजना उसकी थी अथवा कुछ और लोग शामिल थे, वे कौन हैं? अलीगढ़ में भड़काऊ भाषण के समय उसके साथ कौन-कौन लोग थे। उसने देश तोड़ने वाला भाषण क्यों दिया और इसकी स्क्रिप्ट तैयार करने में किन -किन लोगों ने मदद की। क्या उसे सीएए व एनआरसी के बारे में ठीक से पता है? देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद उसने किन-किन लोगों से संपर्क किया और किन लोगों ने उसे छिपने और आर्थिक मदद की। उसने किन-किन लोगों से वाट्स एप कॉल की थी?

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