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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

JNU Violence: रामनवमी पर जेएनयू में हुई मारपीट मामले में जांच पूरी, पुलिस जल्द दायर करेगी आरोप पत्र

By Mangal YadavEdited By:
Published: Tue, 10 May 2022 05:20 PM (IST)

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में गत 12 अप्रैल को रामनवमी के मौके पर पूजा व हवन न होने देने को ...और पढ़ें

एबीवीपी व वामपंथी छात्र संगठनों के 25 से अधिक छात्र-छात्राओं को नोटिस भेज पूछताछ कर चुकी है पुलिस
एबीवीपी व वामपंथी छात्र संगठनों के 25 से अधिक छात्र-छात्राओं को नोटिस भेज पूछताछ कर चुकी है पुलिस

नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में गत 12 अप्रैल को रामनवमी के मौके पर पूजा व हवन न होने देने को लेकर एबीवीपी व वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हुए विवाद मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। एबीवीपी का आरोप था कि वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्र-छात्राओं ने पूजा बंद करो व रामनवमी की पूजा नहीं चलेगी के आपत्तिजनक नारे लगाए थे और पूजा व हवन नहीं होने दिया था। एबीवीपी से जुड़े छात्र-छात्राओं के साथ जमकर मारपीट पिटाई की गई।

वहीं वामपंथी संगठनों ने भी एबीवीपी पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। दोनों की शिकायतों पर वसंत कुंज उत्तरी थाना पुलिस ने दो एफआइआर दर्ज कर ली थी। दोनों पक्षों के 25 से अधिक छात्र-छात्राओं को नोटिस भेजकर पुलिस उनसे पूछताछ कर चुकी है। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि जेएनयू के सीसीटीवी कैमरों में घटना की तस्वीरें कैद नहीं हो पाई थी। दरअसल जहां मारपीट की घटना हुई वह जगह कैमरों की जद में नहीं था। दोनों संगठनों ने मोबाइल से वीडियो बनाया था। पुलिस कई बार उनसे मूल वीडियो देने की मांग की लेकिन पुलिस को किसी ने भी वीडियो क्लीपिंग मुहैया नहीं कराया। दोनों पक्षों ने पुलिस को वे वीडियो ही सौंपे जिनमें उनकी गलती नहीं दिख रही है।

वे सभी फारवर्डेड वीडियो हैं जो अदालत में सुबूत के तौर पर मान्य नहीं होता है। जांच में किसी मजबूत आधार पर मारपीट की बात सामने नहीं आइ। दोनों पक्षों में किसी को गंभीर चोटें भी नहीं आइ। इसलिए पुलिस उक्त मामले में किसी को भी गिरफ्तार नहीं करेगी। बिना गिरफ्तारी के पुलिस जल्द इस मामले में आरोप पत्र दायर कर देगी।

बता दें कि रामनवमी की पूजा में अड़चन डालने को लेकर जेएनयू में हुए विवाद मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के जेएनयू छात्र इकाई के पूर्व अध्यक्ष शिवम चौरसिया की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में वामपंथी छात्र संगठनों के 14 छात्र-छात्राओं को नामजद किया गया था। आरोपित छात्र-छात्राओं ने पूजा वूजा बंद करो व रामनवमी की पूजा नहीं चलेगी आदि के आपत्तिजनक नारे लगाए थे। वामपंथी संगठनों के जिन छात्र-छात्राओं को नामजद किया गया था उनमें अनधा प्रदीप, स्वाति सिंह, आदित्य गवरू, सारिका, उमेश यादव, अपेक्षा प्रियदर्शी, अनिकेत झानाधने, मसूद खान, अंकित कुमार, रोगिब, नवीन कुमार, फारूक आलम, धनंजय व मधुरिमा कुंडु, आदित्य व प्रभांसू शामिल थे।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 10 अप्रैल को कावेरी छात्रावास के छात्रों द्वारा रामनवमी की पूजा आयोजित की गई थी। जिसका विरोध वामपंथी संगठन आइसा, एसएफआइ, बासो, कलेक्टिव एनएसयूआइ ने सुबह से शुरू कर दिया था। वार्डन के नाम से पूजा न करने के फर्जी नोटिस लगा दिया गया था। पूजा दोपहर तीन बजे सुबह होनी थी। विरोध प्रदर्शन व बाधा डालने के कारण शाम पांच बजे पूजा शुरू हुई थी। पूजा के दौरान वामपंथी संगठनों द्वारा पूजा में शामिल छात्रों को डराया धमकाया गया। कावेरी छात्रावास के छात्रों के सहयोग से विरोध के बावजूद पूजा संपन्न हो गई थी। वामपंथी संगठनों की शिकायत पर भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे में पांच को नामजद किया गया था।