नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोटों की तस्करी में नेपाली तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 5.50 लाख के नकली नोट बरामद हुए हैं। सभी नोट दो-दो हजार के हैं। आरोपित की पहचान असलम अंसारी के रूप में हुई है। वह पांच साल से तस्करी में लिप्त था व पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते नकली नोट लाकर भारत में खपा रहा था। पिछले एक साल में एक करोड़ के नकली नोट भारत में खपा चुका है। स्पेशल सेल गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।

डीसीपी पीके कुशवाहा ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत में नकली नोटों की तस्करी की जा रही है। इसमें अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह सक्रिय हैं। इस पर ईश्वर सिंह की टीम ने तस्करों पर नजर रखनी शुरू की। चार महीने की मेहनत के बाद जानकारी मिली कि एक कुख्यात तस्कर 24 अगस्त को दूसरे तस्कर से मिलने नेहरू प्लेस आने वाला है। इसके बाद पुलिस ने तस्कर असलम अंसारी को धर दबोचा। उसके पास से दो-दो हजार के 275 नकली नोट बरामद किए गए, जोकि देखने में हूबहू असली नोट जैसे हैं।

ये इतनी बारीकी से नोट छापे गए हैं कि आम लोग असली और नकली में फर्क नहीं कर सकते। पुलिस पूछताछ में आरोपित ने बताया कि नेपाल में अब्दुल रहमान, सज्जाद और शेर मुहम्मद ने नकली नोट मुहैया कराते थे। वह इन्हें लेकर भारत आता था और दिल्ली-एनसीआर के अलावा भारत के अन्य हिस्सों में खपाता था। बिहार के रक्सौल का एक तस्कर भी इस काम में लगा हुआ है। आरोपित पांच सालों से नकली नोट की तस्करी में लगा हुआ था।

असलम ने बताया कि उसने वर्ष 2016 में नोटबंदी के बाद नकली नोटों के काले धंधे पर कुछ दिनों के लिए विराम लगा दिया था, लेकिन एक साल से तस्करी में फिर सक्रिय था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि नकली नोटों की छपाई पाकिस्तान में होती है और उसे भारत में भेजकर यहां की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है। पाकिस्तान से दो रास्ते से नकली नोट भारत में लाए जाते हैं। पाकिस्तान से बांग्लादेश के रास्ते मालदा होते हुए नकली नोट भारत में पहुंचते हैं। दूसरा रूट नेपाल के रास्ते रक्सौल बॉर्डर है।
 

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Posted By: Mangal Yadav

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