नई दिल्ली [अरविंद कुमार द्विवेदी]। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में 17 जनवरी की रात पीएचडी छात्रा से दुष्कर्म का प्रयास व विरोध करने पर उसका मोबाइल लूटने वाले आरोपित को वसंत कुंज नॉर्थ थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की पहचान बंगाल के 24 परगना जिले के बेलियाघाट गांव निवासी अक्षय दोलाई के रूप में हुई है। वह दिल्ली में मुनरिका गांव में किराए पर रहता है। पुलिस ने रविवार को यहीं पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अक्षय के पास से पुलिस ने छात्रा का मोबाइल और वारदात के समय इस्तेमाल स्कूटी और उस समय पहने हुए कपड़े बरामद कर लिए है।

दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि 17 जनवरी को जेएनयू छात्रा ने दुष्कर्म करने की कोशिश की जाने को लेकर पीसीआर काल मिली थी। मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। गौरव शर्मा ने बताया कि शुरूआती जांच में सामने आया कि जेएनयू के गेट पर रखे रजिस्टर में किसी की भी एंट्री नहीं थी और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने करीब 1000 से ज्यादा कैमरों की फुटेज जब्त की और वारदात के समय पूर्वी गेट से नॉर्थ गेट की ओर जाने वाले आरोपित के रूट की जांच की। रूट पर मिले सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस आरोपी तक जा पहुंची। पहचान के बाद पुलिस ने मुनरिका स्थित उसके घर से उसे गिरफ्तार कर लिया।

आरोपित ने बताया कि वह भीकाजी कामा प्लेस में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान में काम करता है। वारदात वाले दिन उसका पत्नी से उसका झगड़ा हुआ था और उसकी पत्नी मायके चली गई थी। इसके बाद उसने दुकान के मालिक के साथ शराब पी और जेएनयू चला गया। वह 2011 में दिल्ली आया था और 2015 तक बस के टिकट बुक करने का काम करता था जिस कारण रोजाना जेएनयू में टिकट काउंटर में आता-जाता था। यही कारण है कि वह जेएनयू के हर रास्ते से वाकिफ था। जेएनयू में उसने जॉगिंग कर रही पीएचडी छात्रा को अकेले देखा तो पकड़ लिया और छेड़छाड़ करने लगा। दुष्कर्म की नीयत से उसे झाड़ियों की ओर खींचकर ले जाने लगा। छात्रा के शोर मचाने पर आरोपित उसका मोबाइल लूट कर फरार हो गया ताकि लोगों को लगे कि वह मोबाइल लूटने के लिए आया था। उसने मोबाइल इसलिये भी लूटा ताकि पीड़िता पुलिस को कॉल न कर सके।

गौरतलब है कि आरोपित की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर जेएनयू के छात्र संगठन दो बार प्रदर्शन और पैदल मार्च भी कर चुके हैं।

Edited By: Mangal Yadav