नई दिल्ली (जेएनएन)। क्राइम ब्रांच ने खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) के भगोड़े आतंकवादी को अरेस्ट कर लिया है। आतंकी की पहचान गुरसेवक उर्फ बाबला (51) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। वह आतंकी गतिविधियों के अलावा मर्डर और डकैती की दर्जनों वारदात में शामिल रहा है। वह पाकिस्तान में इन दिनों बैठे KCF के चीफ परमजीत सिंह के साथ मिलकर आतंकी संगठन के दोबारा गठन में लगा हुआ था। इतना ही नहीं, वह जेल में बंद जगतार सिंह हवारा के लगातार संपर्क में था।

गुरसेवक ने 1986 में पंजाब में आतंकियों पर सख्त कार्रवाई करने वाले पूर्व डीजीपी जूलियो रिबेरियो पर हमला किया और साथियों के साथ आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसे पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और तबसे 2004 तक तिहाड़ जेल में रहा।

तिहाड़ से उसने केसीएफ सरगना परमजीत सिंह पंजवाड़ से फोन पर संपर्क किया और उससे दिल्ली में वारदात के लिए बड़े पैमाने पर विस्फोटक व एके-47 भेजने की बात कही थी। बातचीत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने 9 जुलाई 1998 को दो आतंकियों को पंजाबी बाग से 18 किलो आरडीएक्स, एक एके-47, 100 कारतूस, 5 कारतूस और 8 हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था।

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पंजाब पुलिस वर्ष 2004 में जब उसे तीस हजारी कोर्ट में पेश करने जा रही थी, तब वह फरार हो गया था। एक हफ्ते बाद लुधियाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद वह 2010 तक जेल में रहा। 2010 में जमानत पर बाहर आने के बाद अदालत में पेश नहीं हुआ।

वह बार-बार घर बदलता रहा। पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे घोषित अपराधी घोषित किया कर दिया पर वह अपनी आदतों से बाज नहीं आया और वारदात को अंजाम देता रहा। लुधियाना पुलिस ने उसे 2014, 2015 व 2016 में अलग-अलग मामलों में पकड़ा था।

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