नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच (Delhi Police Crime Branch) ने काफी मशक्कत के बाद पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी में हुए अंजन दास हत्याकांड का खुलासा किया है। इसके लिए क्राइम ब्रांच को तकनीकी का भी सहारा लेना पड़ा, क्योंकि जांच की शुरुआत में उनके पास सिर्फ एक सीसीटीवी फुटेज था, जिसमें महिला और पुरुष दिखाई दे रहे थे। इस सीसीटीवी फुटेज के जरिये हत्यारोपितों तक पहुंचना मुश्किल था। ऐसे में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने हत्याकांड का सच सामने लाने के लिए कई इलाकों की खाक छानी।

500 घरों की जांच के बाद पूनम तक पहुंची थी क्राइम ब्रांच

क्राइम ब्रांच ने अंजन दास हत्याकांड की आरोपित पूनम तक पहुंचने के लिए पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहचान की। इस दौरान बार-बार जांचकर्ताओं का निराशा का सामना करना पड़ा। इस दौरान क्राइम ब्रांच की कई टीमों ने रामलीला मैदान के आसपास के करीब 500 घरों की तलाशी ली। इसके बाद जाकर पूनम का पता चल पाया। 

सितंबर में चला था अंजन दास के गायब होने का पता

जांच की कड़ी में सितंबर में ही दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम को पता चल गया था कि अंजन दास नाम का एक शख्स गायब है। यह भी जानकारी हासिल कर ली थी कि अंजन दास की पत्नी पूनम है और वह त्रिलोकपुरी इलाके में रहती है। बावजूद इसके सबूतों के अभाव में उसकी गिरफ्तारी से क्राइम ब्रांच बच रही थी।

1000 अधिक मोबाइल फोन नंबरों रहे सर्विलांस पर 

दिल्ली पुलिस ने जांच की कड़ी में 1000 से अधिक मोबाइल फोन नंबरों को सर्विलांस पर लगा दिया था, जिससे शरीर के टुकड़े फेंकने के लिए आने वालों की पहचान हो सके। पूनम और दीपक के फोन नंबरों की पहचान करने के बाद ही उनके बारे में जानकारी जुटाई गई। अब दिल्ली पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने का प्रयास कर रही है।

Edited By: JP Yadav

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